मिलर्स को लेवी के बंधन से मुक्त करने को हरी झंडी

Ludhiana Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। देश में गेहूं और धान के भारी भरकम स्टॉक सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। हालत यह है कि पंजाब में अनाज भंडारण की कुल क्षमता 200 लाख टन है। जबकि प्रदेश में कुल ढाई सौ लाख टन गेहूं एवं धान का स्टॉक मौजूद है। इस पर 135 लाख टन धान की खरीद 31 अक्तूबर तक होने का अनुमान है। इन हालात से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार माथापच्ची कर रही हैं। नई नीतियों के तहत अब सरकार अनाज खरीद से हाथ खींचना चाह रही है, नतीजतन निजी ट्रेडरों को धीरे-धीरे ढील दी जा रही है।
पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों की अध्यक्षता में पंजाब राइस मिलर्स के साथ हाल ही में हुई बैठक में मंत्री ने चावल को लेवी के बंधन से मुक्त करने पर अपनी सहमति जता दी। इससे राइस मिलर्स भी काफी खुश हैं। मिलर्स का मानना है कि लेवी का बंधन हटते ही बाजार में निजी क्षेत्र की खरीद को बढ़ावा मिलेगा। खुले बाजार में चावल की उपलब्धता ज्यादा होगी और कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।
काबिलेजिक्र है कि पिछले कई दशकों से मिलर्स चावल की खरीद का 75 फीसदी लेवी के तौर पर सरकार को एक निर्धारित कीमत पर दे रहे थे। खाद्य सुरक्षा के चलते ऐसा किया जा रहा है। इसके चलते निजी ट्रेडरों ने खरीद में रुचि लेना कम कर दिया और धान की अधिकतर खरीद सरकारी एजेंसियां करने लगीं, लेकिन अब बंपर स्टॉक के चलते परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी गुरदीप सिंह चीमा का कहना है कि लेवी का बंधन खत्म होने से निजी क्षेत्र में धान की खरीद में दस से पंद्रह फीसदी तक का फर्क पड़ सकता है। अब मिलर्स खरीद करके खुले बाजार में आसानी से चावल की बिक्री कर पाएंगे। चीमा ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान चावल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया, लेकिन खुले बाजार में उपलब्धता बढ़ने से चावल के दाम एक दायरे में ही रह सकते हैं।

Spotlight

Most Read

National

2019 में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी CPM

महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से पेश मसौदे में भाजपा के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस समेत तमाम धर्मनिरपेक्ष दलों को साथ लेकर एक वाम लोकतांत्रिक मोर्चा बनाने की बात कही गई थी।

22 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper