जाना था ईरान , दुबई से लौटे बैरंग

Ludhiana Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
जगरांव (लुधियाना)। नौकरी दिलाने सहित ईरान में सेटल करने का सब्जबाग दिखाकर लाखों रुपये लेकर युवकों को दुबई भेज देने और वहां से वापिस भारत भेजने के मामले में जगरांव पुलिस ने पिता-पुत्र एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
तहसील श्री आनंदपुर साहिब के गांव आफिआना निवासी एजेंट गुरप्रीत सिंह और उसके पिता बलबीर सिंह द्वारा अप्रैल 2011 महीने में अखबारों में विज्ञापन दिए थे कि इरान में विभिन्न कार्यों के लिए लोगों की जरूरत है। चाहवान को ईरान भेजने और नौकरी दिलाने का पक्का इंतजाम है। इस पर स्थानीय अगवाड लोपो निवासी जुगराज सिंह पुत्र दलीप सिंह और उसके चार अन्य साथियों जसप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह निवासी माणुके, हरविंदर सिंह पुत्र सतराम निवासी चपराड, वरिंदर सिंह निवासी पसियाना और सुरजीत सिंह पुत्र बूटा सिंह निवासी बुर्ज हमीरा ने विज्ञापन पढ़कर एजेंट से फोन पर बात की। एजेंट के बुलवे पर पांचों उससे बातचीत करने गांव अफिआना चले गए। एजेंट पिता-पुत्र ने पांचों को प्रति व्यक्ति डेढ़-डेढ़ लाख रुपये में ईरान भेजने और वहां नौकरी दिलाने का सौदा कर लिया। कुछ दिनों बाद एजेंट का फोन आया कि उनका काम बन गया है, वो नगदी दे दें। पांचों ने एजेंट को जगरांव बुलाकर पांच लाख रुपये दे दिए। अक्तूबर माह में एजेंट ने पांचों को बताया कि जुगराज, जसप्रीत और हरविंदर के वीजा आ गए हैं, तीनों पहले दिल्ली से दुबई जाएंगे। और फिर दुबई में बैठा उनका एजेंट साथी तीनों को ईरान छोड़कर आएगा। तीनों के पहुंचते ही शेष दोनों वरिंदर और सुरजीत के वीजा भी आ जाएंगे। एक अक्तूबर 2011 को जुगराज, जसप्रीत और हरविंदर दुबई पहुंच गए, वहां पहुंचते ही एजेंट पिता-पुत्र का साथी एयरपोर्ट से तीनों को ले गया और अगले दिन दुबई वाले एजेंट ने तीनों को बताया कि पिता-पुत्र ऐजंटों ने उसे रकम नहीं भेजी। तीनों ने उक्त एजेंटों से काफी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों पिता-पुत्र ने फोन नहीं उठाया। जिसके चलते दुबई वाले एजेंट ने उन्हें सात अक्तूबर को वापिस भारत भेज दिया। एसएसपी के निर्देशों पर डीएसपी (डी) तरन रतन ने मामले की जांच उपरांत थाना सिटी में पिता-पुत्र एजेंट खिलाफ मुकदमा दर्ज दिया गया।

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