बराड़ के दादा को अंग्रेजों ने दिए थे यूपी में 10 गांव

Ludhiana Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
मोगा। पूर्व ले. जनरल केएस बराड़ पर लंदन में हुए हमले से उनके पैतृक गांव पत्तों हीरा सिंह में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों ने उन पर हमले को गलत बताया है। जनरल बराड़ के दादा हीरा सिंह अंग्र्रेजों की सेना में पहले भारतीय थे। उन्होंने गांव में सरकारी स्कूल की स्थापना व हास्टल बनवाने समेत विकास कार्य करवाए। अपनी हवेली भी गांव के लड़कियों के प्राइमरी स्कूल के लिए दान दे दी।
गांव पत्तों हीरा सिंह निवासी मास्टर हरभजन सिंह ने बताया कि बराड़ के पूर्वज अनोख सिंह को अंग्र्रेजों ने बहादुरी के चलते यूपी के लखनऊ के नजदीक दस गांव दिए थे। उनके तीन बेटे हीरा सिंह, देवा सिंह व हरनाम सिंह थे। हीरा सिंह को जहां अंग्र्रेजों की सेना में पहले भारतीय कैप्टन होने का गौरव प्राप्त हुआ। वहीं हीरा सिंह के परिवार की ओर से मोगा में बराड़ सिनेमा का निर्माण किया गया था। जिसे बाद में रीगल सिनेमा का नाम दिया गया। दिगंबर सिंह के बेटे है पूर्व लेफ्टीनेट जनरल केएस बराड़ जिनका जन्म गांव से बाहर व पढ़ाई भी सैनिक स्कूल से की है।
करतार सिंह का कहना है कि केएस बराड़ ने अपनी ड्यूटी निभाते हुए 1984 में सेना की कार्रवाई की अगुवाई की। सूबेदार प्रकाश सिंह का कहना था कि केएस बराड़ ने तो अपनी नौकरी के चलते सेना का आदेश माना। उन्होंने कहा कि हरमिंदर साहिब पर की गई कार्रवाई से बचाव हो सकता था। लेकिन कट्टरपंथियों ने हालात ही इस प्रकार के पैदा कर दिए थे कि सेना को मजबूरन अटैक करना पड़ा था। लेकिन इससे मन जरूर आहत हुआ था। जगजीत सिंह का कहना था कि केएस बराड़ पर किया गया हमला निंदनीय है।
माता बलवंत कौर का कहना है कि कैप्टन हीरा सिंह ने गांव के विकास में जो योगदान डाला है उसको भुलाया नहीं जा सकता।

Spotlight

Most Read

Kanpur

एक्सप्रेस-वे का काम अधूरा, टोल टैक्स देना पड़ेगा पूरा 

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर 19 जनवरी की मध्य रात्रि से टोल टैक्स तो शुरू हो जाएगा लेकिन एक्सप्रेस-वे पर तैयारियां आधी-अधूरी हैं। एक्सप्रेस-वे के किनारे न रेस्टोरेंट बने और न होटल। कई जगह पर बैरीकेडिंग टूटने से जानवर भी सड़क  पर आ जाते हैं।

18 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper