पंजाब के ईंट-भट्ठे अनिश्चितकाल के लिए बंद

Ludhiana Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पंजाब के तीन हजार भट्ठा मालिकों ने अनिश्चितकाल के लिए अपने ईंट भट्ठों में उत्पादन ठप कर दिया है। यह फैसला सोमवार को कासा-ला-बैरन में पंजाब ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन की हंगामी बैठक में लिया गया। इसमें पंजाब के विभिन्न शहरों से आए सैकड़ों की संख्या में उद्यमी मौजूद रहे। भट्ठा मालिक माइनिंग के लिए एनवायरनमेंट क्लीयरेंस अनिवार्य करने और वैट की दर को दोगुना करने का विरोध कर रहे हैं। सैकड़ों उद्यमियों ने सोमवार को एकमत से तब तक भट्ठे नहीं चलाने का संकल्प लिया जब तक सरकार एनवायरनमेंट क्लीयरेंस से राहत नहीं देती। अपनी दिक्कतों के समाधान के लिए इसी सप्ताह एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से भी मुलाकात करेगा।
काबिलेजिक्र है कि जून से लेकर अगस्त तक मानसून के कारण भट्ठा उद्योग में ऑफ सीजन रहता है। इसके बाद पंद्रह सितंबर से भट्ठों में उत्पादन शुरू हो जाता है, लेकिन माइनिंग के पेंच के चलते भट्ठा मालिक इस बार उत्पादन शुरू करने के मूड में नहीं हैं। पंजाब में प्रति दिन 15 करोड़ ईंट के उत्पादन की क्षमता है। इसकी अंदाजन कीमत 60 करोड़ रुपये के करीब है। इस उद्योग से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर नौ लाख लोग जुड़े हैं। पंजाब में इस वक्त लगभग दो माह का स्टॉक है। 25 फीसदी भट्ठों के पास स्टॉक खत्म हो चुका है। अगले एक माह के भीतर पचास फीसदी तक भट्ठे ड्राई हो जाएंगे।
एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेंट कुलदीप सिंह मक्कड़ का कहना है कि एनवायरनमेंट क्लीयरेंस लेना उद्योग के बस में नहीं है। पहले पांच हेक्टेयर तक की माइनर माइनिंग पर एनवायरनमेंट क्लीयरेंस से छूट प्राप्त थी, लेकिन अब इसे सभी पर लागू कर दिया गया है। मक्कड़ ने कहा कि राज्य का कोई भी भट्ठा मालिक क्लीयरेंस लेने का इच्छुक नहीं है। बैठक में सदस्यों ने पंजाब सरकार द्वारा वैट को दोगुना करने का मुद्दा भी उठाया। इस पर प्रधान मक्कड़ ने कहा कि सीएम से राहत लेने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में दर्शन सिंह जवंदा, एसएस ढिल्लों समेत पंजाब के तमाम शहरों से आए भट्ठा मालिक मौजूद रहे।

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