सिस्टम से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे आढ़ती

Ludhiana Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। केंद्र सरकार द्वारा आढ़त सिस्टम को दरकिनार कर किसानों को फसल की सीधी अदायगी के संकेतों से आढ़तियों में बेचैनी व्याप्त है। आढ़तियों ने साफ कर दिया है कि यदि मौजूदा आढ़त सिस्टम से छेड़छाड़ की गई तो पूरे पंजाब में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा और फसल की खरीद भी ठप की जा सकती है।
उधर एक अक्तूबर से पंजाब में धान का सीजन शुरू हो रहा है, लेकिन राज्य में अभी तक सरकार ने अगले सीजन के लिए मिलिंग पालिसी घोषित नहीं की है, ऐसे में मिलर्स धान के स्टॉक को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं बना पा रहे हैं। मिलर्स ने भी राज्य सरकार से मिलिंग नीति शीघ्र घोषित करने की वकालत की है।
काबिलेजिक्र है कि पंजाब में गेहूं और धान की खरीद आढ़त सिस्टम के माध्यम से खरीद एजेंसियां करती हैं। राज्य में आढ़तियों को ढाई फीसदी आढ़त मिल रही है। इसके बदले में वे फसल क ो मंडी में उतरवाते हैं, सफाई कराते हैं, खरीद में सहायता के अलावा पैकिंग के बाद लिफ्टिंग में सहयोग करते हैं। इस सिस्टम से पंजाब के करीब 45 हजार आढ़ती जुड़े हैं। केंद्र सरकार समेत कुछ किसान संगठन आढ़ती सिस्टम की बजाए सीधे अदायगी की बात कर रहे हैं। आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के कनवीनर धर्म सिंह कंग का कहना है कि पंजाब एवं हरियाणा में आढ़त सिस्टम पूरी कामयाबी के साथ चल रहा है। इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उधर पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के महासचिव गुरदीप सिंह चीमा का कहना है कि अगले सप्ताह से राज्य में धान की खरीद शुरू हो रही है। अब तक राज्य सरकार ने आगामी सीजन के लिए मिलिंग नीति का ऐलान नहीं किया है। नीति न बनने के कारण मिलर्स रणनीति नहीं बना पा रहे हैं। मिलर्स की मांग है कि पिछले साल की तर्ज पर ही नई नीति बनाई जाए। इसके अलावा गोदामों में चावल रखने के लिए जगह का इंतजाम समय रहते किया जाए। हालत यह है कि जगह की कमी के कारण पिछले साल का करीब 25 लाख टन धान मिलिंग क ा इंतजार कर रहा है।

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