तोड़फोड़-आगजनी में 34 डेराप्रेमी दोषी करार

Ludhiana Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
मोगा। एडीशनल जिला एवं सेशन जज कर्मजीत सिंह कंग की अदालत ने 34 डेरा अनुयायियों को सरकारी संपत्ति नष्ट करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत शुक्रवार को दोषी ठहराया। अदालत ने आज्ञाकारी नामक एक डेरा प्रेमी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोषियों को सजा शनिवार को सुनवाई जाएगी। कोर्ट के आदेश पर दोषी घोषित सभी अनुयायियों को हिरासत में ले लिया गया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद शुक्रवार को पंजाब पुलिस को चौकस कर दिया गया है। मोगा शहर में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
मालूम हो कि सीबीआई की ओर से डेरा सच्चा सौदा के प्रधान गुरमीत राम रहीम पर परचा दर्ज करने पर भड़के डेरा अनुयायियों ने 27 फरवरी 2010 को कई स्थानों पर बसों और ट्रेनों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। प्रदेश भर में पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी की बसों और रेलगाडि़यों को निशाना बनाया था। आगजनी और तोड़फोड़ कर करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट कर दी थी। अकेले मोगा में पंजाब रोडवेज की 13 और पीआरटीसी की छह बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
शनिवार 27 फरवरी 2010 की शाम लगभग पौने छह बजे डेराप्रेमियों की गुस्साई भीड़ ने मोगा बस स्टैंड पर खड़ी पीआरटीसी की बसों में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। इसके बाद भीड़ रेलवे स्टेशन पर जा पहुंचा और खड़ी ट्रेन को भी आग लगा दी। ट्रेन के तीन सवारी डिब्बों को नुकसान पहुंचा था।
मोगा में डीसी कार्यालय के गेट पर बनी चेक पोस्ट और सुविधा सेंटर के मेन गेट तथा एक अन्य गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया था। थाना सिटी पुलिस ने महिलाओं सहित 56 अनुयायियों के खिलाफ कार्रवाई करके मौके पर 36 अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ सरकारी संपत्ति नष्ट करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत पर्चा दर्ज किया था। इस मामले में नामजद दस महिलाओं को पुलिस ने बेकसूर मानते हुए गिरफ्तार नहीं किया था।
न्यायाधीश कर्मजीत सिंह कंग ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को 34 डेरा अनुयायियों को दोषी मानते हुए उन्हें हिरासत में लेने का आदेश सुनाया। आज्ञाकारी नामक डेरा प्रेमी को सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।

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