आधुनिक खेती पर करें फोकस

Ludhiana Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) ने पंजाब के किसानों को आधुनिक खेती अपनाने का आह्वान किया है। आधुनिक तकनीक को अपनाकर श्रमिक संकट पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। शुक्रवार से शुरू हुए किसान मेले में माहिरों ने पंजाब में पानी के गिरते स्तर और जमीन की उपजाऊ शक्ति में कमी पर चिंता जताई और किसानों को गेहूं धान के फसल चक्र से निकल कर सब्जी, फल और बागवानी के अलावा अन्य फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
इसके अलावा किसानों को गेहूं की हाई-तकनीक और अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी की फसल बीजने को प्रेरित किया गया। इसके पीछे तर्क यह रहा कि पंजाब में औसतन दस से 11 मिलियन टन गेहूं की पैदावार हो रही है। जबकि अन्य राज्यों की पैदावार तीन मिलियन टन से उछलकर अब 17 मिलियन टन पहुंच चुकी है।
इस वृद्धि को देखते हुए पंजाब के किसानों को अब ओवरसीज मार्केट में फीड करने के लिए क्वालिटी पर फोकस करने की सलाह दी गई है। किसान मेले में विश्वविद्यालय के माहिर किसानों के रूबरू हुए। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर बलदेव सिंह ढिल्लों ने कहा कि हरी क्रांति में पीएयू का अहम रोल है। विश्वविद्यालय आज भी किसानों क ो दिशा देने में अपनी भूमिका निभा रहा है। इस मेले का उद्घाटन पंजाब के लोक निर्माण मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों ने किया।
पीएयू के प्रसार शिक्षा निदेशक डा. मुख्तार सिंह गिल ने कहा कि हालांकि पंजाब देश का अन्नदाता है। बावजूद इसके राज्य की कृषि के समक्ष चुनौतियां भी कम नहीं हैं। गेहूं धान फसल चक्र से जल स्त्रोत पर असर हो रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के तहत मौसम में आ रहा बदलाव भी कृषि पर भारी पड़ रहा है। इसलिए किसानों को मॉर्डन कृषि के हर पहलू से जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा कृषि के साथ साथ सहायक धंधे अपनाने के लिए भी किसानों क ो अपडेट किया जा रहा है, ताकि उनकी आय में इजाफा हो सके।

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