लुधियाना सेंट्रल जेल से तीन कैदी फरार

Ludhiana Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। बुधवार देर रात सुरक्षा चक्र तोड़कर सेंट्रल जेल से तीन कैदी फरार हो गए। कै दियों ने पहले चम्मच और डोल के हैंडल की मदद से अपने सेल की दीवार खोदी और बाद में सेल से करीब एक किलोमीटर दूर जेल की 18 फीट ऊंची बाहरी दीवार परने और पेंट की मदद से फांदी और फरार हो गए। जबकि चौथे कैदी रोहित कुमार निवासी हब्बोवाल लुधियाना को मौके पर ही दबोच लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और देर रात जबरदस्त तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने मौके से बंधी हुई पेंट और परना बरामद किया है।
फरार कैदियों अमित कुमार पुत्र माई दीन, गांव कल्मू, थाना बेतिराय, बरेली (उत्तर प्रदेश), राम कुमार पुत्र जगन्नाथ महराज गंज जिला सिवान (बिहार)और रवि कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी डाबा, लुधियाना को भी वीरवार दोपहर को छापा मारकर ढंढारी कलां रेलवे लाइन के पास से काबू कर लिया। कैदी ढंढारी से कोई लोकल गाड़ी लेकर खन्ना और फिर बाद में लंबी दूरी की ट्रेन में सवार होने की योजना बना रहे थे।

डीआईजी ने की अफसरों के साथ बैठक
उधर डीआईजी जेल लखविंदर सिंह जाखड़ ने भी सेंट्रल जेल का दौरा किया और अधिकारियों के साथ बैठक की।

पहले भी तोड़ा गया है सुरक्षा चक्र
लुधियाना की सेंट्रल जेल का घेरा पहले भी कैदियों ने तोड़ा है, बावजूद इसके जेल में सुरक्षा प्रबंध चाक चौबंद नहीं हो पाए हैं, क्योंकि प्रशासन के पास मुलाजिमों की भारी कमी है। 26 जनवरी 2006 को भी दो कैदी जेल की दीवार फांद कर फरार हो गए थे। इसके बाद 2010 में भी जेल के सेंट्रल अहाते में बाहर से फेंकी रस्सी के सहारे दो कैदी फरार हो गए थे।

3100 कैदियों के लिए 200 मुलाजिम
उधर सेंट्रल जेल में 3100 से अधिक कैदी और हवालाती बंद हैं, जबकि प्रशासन के पास करीब दो सौ मुलाजिम हैं। इनमें से औसतन 100-110 ड्यूटी पर रहते हैं। बाकी मुलाजिम रेस्ट, छुट्टी या बीमारी की सूरत में कैदी के साथ अस्पताल में ड्यूटी देते हैं।

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