आज भूलकर भी न करें चंद्रमा का दीदार

Ludhiana Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
मुक्तसर। पूरे भारतवर्ष में गणेश चतुर्थी इस बार 19 सितंबर यानि बुधवार को मनाई जाएगी। ब्राह्मणों और विद्वानों के अनुसार इस दिन भूल कर भी चंद्रमा की ओर नहीं देखना चाहिए यानि की इस दिन चंद्रमा का दीदार न करें। इस दिन चंद्रमा का दीदार करने से भारी कलंक लगता है। ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में गणेश चतुर्थी संबंधी जानकारी देते हुए श्री सनातन धर्म प्रचारक विद्वान पं. पूरन चंद्र जोशी ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को दोपहर के समय विघ्न विनायक भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। विधान है कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। यदि अनजानेवश चंद्रमा के दर्शन हो भी जाएं तो एक छोटा सा पत्थर किसी की छत्त पर फेंक देने से इससे लगने वाले कलंक से बचाव हो सकता है। यही कारण है कि गणेश चतुर्थी को पत्थर चौथ भी कहा जाता है।

भगवान कृष्ण को लगा था चंद्र दोष
एक बार भगवान श्री कृष्ण जी को गणेश चतुर्थी के दिन अनजाने में चंद्रमा के दर्शन हो गए थे। जिस पर उन्हें भारी दोष लग गया। कहते हैं कि द्वारिका में राजा सत्यजीत की भक्ति से खुश होकर सूर्यदेव ने उन्हें स्यमंतक नामक मणि दी थी। भगवान कृष्ण चाहते थे कि यह मणि महाराज उग्रसेन को दे दी जाए तो सारे राष्ट्र का कल्याण हो सकता है। उनके मन की बात सत्यजीत को मालूम हो गई तो उसने मणि अपने भाई राजा प्रसेन को दे दी। एक दिन जंगल में शिकार खेलते समय एक शेर ने प्रसेन को मार कर मणि ले ली, मगर रीछराज जाम्वंत ने शेर को मार कर मणि बच्चों को खेलने के लिए दे दी। इस दौरान द्वारिका में राजा सत्यजीत और अन्य सभी ने यह सोच लिया कि भगवान श्री कृष्ण ने प्रसेन को मारकर मणि उग्रसेन को दे दी है और भगवान कृष्ण पर अंगुलियां उठने लगी। इतना बड़ा कलंक लगने के बाद इस कलंक को धोने के लिए भगवान कृष्ण ने प्रसेन की मौत का पता लगाकर रीछराज जाम्वंत के साथ 21 दिन तक भयंकर युद्ध किया। युद्ध के दौरान जाम्वंत ने भगवान श्री कृष्ण को पहचान लिया और नतमस्तक हो गया। उसने उन्हें अपनी कन्या जामवंती देकर मणि भी साथ में दे दी। कृष्ण भगवान ने मणि भरी सभा में सत्यजीत को सौंप दी। सत्यजीत ने भगवान श्री कृष्ण पर क लंक लगाया था। जिसके प्रायश्चित स्वरूप उसने अपनी पुत्री सत्यभामा का विवाह भगवान कृष्ण से कर दिया। पं. जोशी के अनुसार इस कथा को सुनने, पढ़ने और लिखने से भी इस दिन के चंद्र दर्शन के दोष से मुक्ति मिलती है।

Spotlight

Most Read

National

सियासी दल सहमत तो निर्वाचन आयोग ‘एक देश एक चुनाव’ के लिए तैयार

मध्य प्रदेश काडर के आईएएस अधिकारी और झांसी जिले के मूल निवासी ओपी रावत ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया।

24 जनवरी 2018

Rohtak

बिजली बिल

24 जनवरी 2018

Rohtak

नेताजी

24 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper