पुलिस की झालर पल्लू पगड़ी बदलने को मांगे सुझाव

Ludhiana Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
मोगा। पंजाब पुलिस की टोपीनुमा झालर पल्लू पगड़ी बदलने के लिए डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने पंजाब पुलिस के सीनियर अफसरों से सुझाव मांगे हैं। इससे जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंग्रेजों की गुलामी समझी जाने वाली पुलिस की झालर पल्लू पगड़ी बदल दी है। ग्यारह साल पहले श्री अकाल तख्त साहिब ने हुक्मनामा जारी करने पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से भी इस हुक्मनामे पर अमल करने का ऐलान किया था। लुधियाना के बलविंदर सिंह भट्ठल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के नाम लिखे पत्र में कहा गया है कि काफी समय से फ्रांस व अन्य कई स्थानों पर पगड़ी की बेअदबी हो रही है।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी त्रिलोचन सिंह ने यह पत्र मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भेज दिया और पंजाब के गृह विभाग ने यह पत्र पंजाब पुलिस के मुखी (डीजीपी) को भेजा गया है। इस पत्र संबंधी डीजीपी ने सूबे के सीनियर पुलिस अफसरों को भेजकर सुझाव मांगे हैं।
इस पत्र में सिखों की पगड़ी की बेअदबी, पंजाब पुलिस की झालर पल्लू पगड़ी बदलने तथा महिला पुलिस मुलाजिमों की पेंट, कमीज व सिर पर टोपी तथा शिमला के एक स्कूल प्रबंधकों ने सिख बच्चों को पटका बांधने के लिए मजबूर करने का जिक्र किया गया है। जम्मू-कश्मीर के अलावा इस पत्र में लिखा गया है कि इस झालर पल्लू पगड़ी संबंधी 11 साल पहले 6 दिसंबर 2000 को श्री अकाल तख्त साहिब ने हुक्मनामा नंबर-आठ जारी किया था। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस हुक्मनामे पर अमल करने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस मुलाजिम यह पगड़ी टोपी की तरह पहनते हैं और कई-कई महीने टोपी की तरह ही रखी जाती है।
सिख एवं धार्मिक नेता ने पत्र से पंजाब सरकार से अपील की कि पंजाब पुलिस ने सिख मुलाजिमों की टोपीनुमा पगड़ी तथा पंजाब पुलिस में सिख लड़कियों की टोपी बदला दी जाए। इस पत्र में पांच तख्तों के सिंह साहिबान को भी अपील की गई है कि हुक्मनामा जारी करते समय हुक्मनामे की पालना का समय तय किया जाए। यह भी कहा गया है कि ऐसे कई और भी हुक्मनामे हो सकते हैं जिन पर अमल न किया गया है। इस संबंधी बैठक में ऐसे एजेंडे को शामिल करके हुक्मनामे की पालना संबंधी विचार करना चाहिए।

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