पंचायत की 900 एकड़ जमीन बेची!

Ludhiana Updated Sun, 12 Aug 2012 12:00 PM IST
मोगा। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल सुरेश अरोड़ा ने ग्राम पंचायत चड़िक की नौ सौ एकड़ जमीन गलत ढंग से बेचे जाने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। रेवेन्यू विभाग के रिकार्ड में जमीन की मालिक पंचायत है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस जमीन की सेल डीड रजिस्टर्ड करते समय रेवेन्यू अधिकारियों ने भी अपनी जेबें भरी हैं। घोटाले की जांच विभाग ने डीएसपी विक्रमजीत सिंह को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार गांव चड़िक की पंचायत के पास करीब नौ सौ एकड़ जमीन है। आरोप है कि इस जमीन पर काबिज लोगों ने माल विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से गलत ढंग से रजिस्ट्री करवाकर इंतकाल अपने नाम करवा लिए है। अब यह जमीनें आगे अन्य लोगों को बेची जा रही है। वहीं माल रिकार्ड की जमाबंदी के खाना मालिकी में पंचायत मालिक दर्ज है, लेकिन खानों काश्त (कब्जा मालिक) में उक्त लोगों के नाम इंतकाल करके उनको मालिक दर्शाया गया है। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार की ओर से जमीनों के रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करने की बैठक में डायरेक्टर लैंड रिकार्ड जालंधर की ओर से दिशा-निर्देश दिए गए थे कि ऐसी जमीनों के रिकार्ड दुरुस्त कर पंचायत या संबंधित पत्ती को मालिक दर्ज किया जाए, लेकिन विभाग की ओर से इस पर अमल नहीं किया गया।
विजिलेंस की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि माल अधिकारी यह जमीन पंचायत की होने के कारण रजिस्ट्री तस्दीक नहीं करते थे और मोटी रकम लेकर रजिस्ट्रियों पर इंतकाल कर दिए। डीएसपी विजिलेंस बिक्रमजीत सिंह के अनुसार मामले की प्रारंभिक जांच में कई माल अफसरों (तहसीलदार, नायब तहसीलदार) के अलावा पटवारी व वसीका नवीसों की मिलीभगत सामने आई है। इसके अलावा नंबरदारों पर भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने पंचायती जमीन होने के बावजूद इन रजिस्ट्रियों व इंतकाल तसदीक पर गवाही डाली है।
गौरतलब है कि पास के गांव सलीना में भी पंचायत की ओर से पशुओं की चरने के लिए छोड़ी 107 एकड़ जमीन भी सियासी लोगों व अफसरों द्वारा अपने नाम करने का आरोप है और अब यह जमीन आगे बेची जा रही है।

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