अमेरिका के गुआटमाला में गुम है पंजाब के कुछ युवा

Ludhiana Updated Wed, 08 Aug 2012 12:00 PM IST
माछीवाड़ा (लुधियाना)। पंजाब के युवा विदेशों में पैसे कमाने के लिए अपने जीवन का रिस्क लेने से भी पीछे नहीं हटते, साथ ही एजेंटों के हत्थे चढ़कर लाखों रुपये भी बरबाद कर रहे हैं। अब कुछ परिवारों के युवाओं के लापता होने के मामले में सामने आए हैं। सभी के माता-पिता अपने लाडलों को देखने के लिए तरस रह हैं, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है।
वर्ष 2010 के सितंबर माह में पंजाब के विभिन्न शहरों से एजेंटों के जरिये विदेशों में काम करने के लिए एक ग्रुप में गए थे। इनमें से एक युवक अमेरिका के गुआटमाला में जाकर लापता हो गया। अपने बेटे की तलाश में माता-पिता और रिश्तेदार दो साल से भटक रहे हैं, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है और अब वह किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित हैं। लापता युवकों में गांव झुंगिया का रविंदर सिंह उर्फ विक्की भी शामिल है। उसका पिछले दो साल से कहीं पता नहीं चल पा रहा है। अपने बेटे को देखने के लिए तरस रहे जसवंत सिंह ने कहा कि विदेश भेजने के लिए उन्होंने रोपड़ के एक गांव खोखरा के व्यक्ति से संपर्क किया था। जसवंत ने अपनी जमीन बेचकर एजेंट को रकम अदा की थी। विदेश जाने के कुछ दिन बाद बेटे ने फोन पर बताया था कि वह अमेरिका के गुआटमाला पहुंच गया है। लेकिन उसके बाद से बेटे का कुछ पता नहीं चल पाया है। इस मामले में माछीवाड़ा पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज है।
नजदीकी गांव टपरिया के अमर सिंह के दो युवक भी इसी ग्रुप में शामिल थे। गांव के दलजीत सिंह और अक्टूबर सिंह ने कहा कि उन्होंने भी अपने लड़के मनजीत सिंह और रविंदर सिंह को विदेश भेजने के लिए एजेंट को साढ़े बारह एवं पंद्रह लाख रुपये दिए थे। उनके बेटों का फोन भी गुआटमाला से आया था, लेकिन दो साल से उनका भी कोई पता नहीं है।
उधर जालंधर के युवक अमरजीत सिंह की माता राज कौर ने कहा कि उनका लड़का भी इसी ग्रुप में था। उसका भी दो साल से कोई संदेश नहीं आया है। राज कौर ने अपने बेटे को अमेरिका भेजने के लिए एजेंट को दस लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा गांव काला संघियां के चरणजीत सिंह, होशियारपुर के गांव हजूरा निवासी जसविंदर सिंह और जिला अमृतसर के गांव मीराकोट निवासी रविंदर सिंह भी इसी धोखे का शिकार हुए हैं।

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