नार्दर्न ग्रिड फेल होने से फिर बढ़ा इंडस्ट्री का संकट

Ludhiana Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पहले से पावर संकट की मार झेल रहे पंजाब के उद्योगों में नार्दर्न ग्रिड के दोबारा फेल होने से हाहाकार मच गया है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही ग्रिड से बत्ती बंद हुई, सब कुछ वहीं थम गया। इसके चलते औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया। उद्यमियों का आरोप है कि बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन रखने में केंद्र और राज्य सरकारें फेल साबित हो रही हैं। हालत यह है कि ओवरलोडिंग के चलते ग्रिड और सब स्टेशन लगातार ट्रिप कर रहे हैं। वहीं पंजाब में बिजली संकट का सबसे अधिक खामियाजा उद्योगों को भुगतना पड़ रहा है और इंडस्ट्री की उत्पादन लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में उद्यमी अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू बाजार से आउट हो रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन्स के प्रेसिडेंट बदीश जिंदल कहते हैं कि पावर संकट के कारण पंजाब के उद्यमी समय पर माल की डिलीवरी देने में नाकाम हो रहे हैं। ऐसे में विदेशी और घरेलू खरीदार अन्य राज्यों का रुख कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य में फर्नेस पर सप्ताह में चार दिन और अन्य उद्योगों पर तीन दिन का पावर कट लगा हुआ है। इतने दिन के लिए लेबर बेकार बैठने को तैयार नहीं है। ऐसे में श्रमिक या तो कृषि क्षेत्र में रोजगार के लिए जा रहे हैं या अपने प्रदेशों को लौट रहे हैं। पंजाब पहले ही श्रमिक संकट की मार झेल रहा है। ऐसे में मौजूदा स्थिति इंडस्ट्री के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है।
नार्दर्न इंडिया चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अरविंद राय ने कहा कि बिजली न मिलने से इंडस्ट्री की लागत पांच से दस फीसदी तक बढ़ गई है। राज्य के अधिकतर उद्योग दो से तीन फीसदी मार्जेन पर कारोबार कर रहे हैं। इन हालात में इंडस्ट्री का नुकसान बढ़ रहा है। वहीं बिजली की कमी से इकाई बंद है, लेकिन बैंकों का ब्याज पड़ रहा है और प्रशासनिक खर्चें भी ज्यों के त्यों हैं। राय ने सरकार से आग्रह किया है कि बिजली की आपूर्ति को सही करने के लिए ठोस उपाय किए जाएं।

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