यूके में स्टडी वीजा पर गए विद्यार्थियों के भविष्य पर लटकी तलवार

Ludhiana Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
मोगा। यूके में स्टडी वीजा पर गए सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। निजी शिक्षण संस्थाएं बंद कर संचालक भूमिगत हो गए हैं और विद्यार्थी दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। ठगी का शिकार हुए एक युवक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर इंसाफ की गुहार लगाई है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले की जांच डीएसपी सिटी को सौंपी गई है।
स्थानीय भगत सिंह कालोनी निवासी अर्शदीप सिंह ने एसएसपी से की शिकायत में आरोप लगाया है कि उसने बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के लिए चंडीगढ़ स्थित एवर ग्रीन ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से बरमिंगिग स्थित आइस इंटरनेशनल कालेज में एडमिशन लिया था। इस संस्था का जालंधर स्थित उप कार्यालय भी है। पीड़ित ने बताया कि स्टडी वीजा मिलने बाद वे 8 सितंबर 2011 को यूके चला गया और 5500 पौंड फीस के अलावा 19 हजार रुपये की एबेंसी फीस जमा करवाई। पीड़ित ने बताया कि उसके पिता ने उक्त संस्था के बैंक अकाउंट में फीस के रूप में पांच लाख दो हजार रुपये की राशि जमा करवाई थी।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्था के संचालक ने सेंटर बंद कर दिया है और स्टडी करने गए युवक दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। अर्शदीप ने बताया कि उसके साथ 60 से ज्यादा अन्य पंजाबी युवकों ने स्टडी वीजा लिया था। संस्था बंद होने पर वे यूके बार्डर एजेंसी को मिले और उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि संस्था बंद होने पर उनकी स्पांसरशिप खत्म हो गई है और उन्हें यूके में रहने का कोई अधिकार नहीं रहा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बरमिंगिग, मानचेस्टर और लंदन में निजी शिक्षण संस्था बंद होने पर पंजाबी युवक भटक रहे हैं। चंडीगढ़ स्थित एवर ट्रेवल एजेंसी के संचालक जगदीश कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। शिक्षण संस्था के जालंधर स्थित उप कार्यालय के अमन शरीन ने कहा कि पीड़ित युवक को किसी अन्य संस्था में एडजेस्ट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

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