बिजली, पानी की किल्लत से हाहाकार मचा

Ludhiana Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। उमस भरी गरमी में बिजली कट और पानी की किल्लत से पंजाब की आर्थिक राजधानी में सोमवार क ो हाहाकार मचा रहा। बारिश के बाद बढ़ी उमस और बिजली कटौती ने सावन की पहली झमाझम बारिश का सारा मजा किरकिरा कर दिया। शहर के कई इलाकों में सोमवार को 12 से पंद्रह घंटे तक बिजली कट रहा। इसके चलते पानी के लिए भी लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के बाद बिजली के कई फीडर भी ट्रिप कर गए। इससे भी आपूर्ति में बाधा आई है। पावरकॉम के अधिकारियों का कहना है कि बिजली की आपूर्ति को शीघ्र ही सही कर लिया जाएगा। उधर उद्योगों पर पावर ऑफ डे में इजाफा किया गया है, इससे उद्यमियाें में भी नाराजगी पाई जा रही है।
पावरकॉम के हंबड़ा सब-स्टेशन में लगे सौ एमवीए ट्रांसफार्मर में देर रात खराबी आ गई। इससे शहर के कई इलाकों में रात 12 बजे के बाद बिजली ठप हो गई। सुबह करीब आठ बजे के आसपास कुछ इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल की गई। लेकिन इसके बाद भी दिन भर बिजली की आंख मिचौली जारी रही। शहर के हंबड़ा रोड, हैबोवाल, किचलू नगर, उधम सिंह नगर, न्यू प्रेम नगर, सराभा नगर, गुरदेव नगर, घुमार मंडी, सिविल लाइन्स, महाराज नगर, कृष्णा नगर समेत शहर के करीब चालीस फीसदी इलाके प्रभावित रहे।
बारिश के बाद कई फीडर ट्रिप कर गए। इससे भी आपूर्ति बाधित हुई। पावरकॉम के माहिर सिस्टम को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। बिजली नहीं होने के कारण सुबह कई लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच सका, अपनी दिनचर्या निपटाने के लिए लोगों को मंदिरों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों से पानी का बंदोबस्त करना पड़ा। हैबोवाल निवासी गृहणी मधु का कहना है कि सोमवार का दिन बिजली पानी को लेकर संकट भरा रहा।
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उद्योगों पर बढ़ा ऑफ डे, उद्यमी नाराज
उधर मांग और आपूर्ति में बढ़े गैप को देखते हुए पावरकॉम ने उद्योगों पर पावर कट बढ़ा दिया है। कारपोरेशन के नए फरमान के अनुसार अब सामान्य उद्योगों पर सप्ताह में एक की बजाए दो दिन का पावर ऑफ डे लागू होगा। इसके अलावा फर्नेस एवं रोलिंग इकाइयों पर सप्ताह में तीन दिन का पावर ऑफ डे लागू होगा। इससे उद्यमियों में नाराजगी पाई जा रही है। उद्यमियों का तर्क है कि पावरकॉम बिजली मुहैया कराने में कतई फेल साबित हुआ है। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स के महासचिव अवतार सिंह ने कहा कि एक तरफ पावरकॉम निर्विघभन बिजली की आपूर्ति करने में नाकाम साबित हो रहा है। वहीं उद्योगों द्वारा निजी क्षेत्र से बिजली की खरीद में कई अड़ंगे लगा रखे हैं। चैंबर ने मांग की है कि जब तक कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग बनी हुई है और पंजाब में बिजली संकट है। उद्योगों के लिए निजी क्षेत्र से बिजली खरीद पर लगी क्रास सब्सिडी एवं विलिंग चार्जेज को वापस लिया जाए। इससे जहां उद्योगों को बिजली मिल पाएगी, वहीं राज्य के बिजली संकट का भी काफी हद तक समाधान हो जाएगा।

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