केंद्र से मलाल, बादल के आभारी

Ludhiana Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
मुक्तसर। पाकिस्तान की कोट लखपत जेल की काल कोठरी में करीब 30 वर्ष गुजारकर कुछ दिन पहले ही वतन वापस लौटे फिरोजपुर जिले के गांव फिड्डे निवासी सुरजीत सिंह को जहां इस बात की खुशी है कि प्रदेश सरकार ने भारत के लिए उसकी सेवा को स्वीकार किया है वहीं उसे इस बात का मलाल भी है कि केंद्र सरकार उसकी देश केे प्रति की सेवाओं को नजरअंदाज कर रहा है। ‘अमर उजाला’ के साथ फोन पर बातचीत में सुरजीत सिंह फिड्डे ने बताया कि उसने देश की खातिर करीब 30 वर्ष पाकिस्तान की कोट लखपत जेल की काल कोठरी में बिता दिए। और तो और इस दौरान वह अपनी पारिवारिक खुशियों में भी शरीक न हो सका। मगर उसे इसका जरा भी दुख नहीं हुआ क्योंकि वह देश के लिए जेल काट रहा था। मगर केंद्र द्वारा उसकी सेवाओं को नजरअंदाज करने पर उसके मन को भारी ठेस पहुंची। केंद्र ने उसकी सेवाओं को अनदेखा कर दिया है। जबकि पंजाब सरकार ने उसकी देश सेवा को पहचानते हुए जहां उसे पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी है। वहीं उसके पुत्र कुलविंदर सिंह को सरकारी नौकरी का आश्वासन भी दिया है। सुरजीत ने कहा कि उसके लिए यह महत्वपूर्ण बात नहीं है कि सरकार ने उसे पांच लाख रुपये देकर नवाजा और बेटे को नौकरी दी। बल्कि यह बात महत्वपूर्ण है कि पंजाब सरकार ने देश के प्रति उसकी सेवा को पहचाना है। उसे इस बात की ज्यादा खुशी है। सुरजीत सिंह ने सरकार द्वारा वित्तीय मदद देने तथा उसके पुत्र को नौकरी देने का आश्वासन देने पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का आभार व्यक्त किया है। सुरजीत ने बताया कि उसका परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। जब वह जेल से रिहा होकर अपने गांव फिड्डे स्थित निवास पर पहुंचा था तो हालत यह थे कि उसके निवास पर बिजली तक नहीं थी। मगर आज राज्य सरकार द्वारा उसके घर के पास स्पेशल एक ट्रांसफार्मर रखवा दिया गया है, जिसके लिए वह सरकार का आभारी है।

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