मुख्यमंत्री के हलके में मैरिज पैलेस निर्माण में हेरफेर!

Ludhiana Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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लंबी (मुक्तसर)। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एक तरफ जहां अपने पैतृक हलके के विकास को खुलकर ग्रांटों के गफ्फे बांट रहे हैं वहीं भ्रष्टाचार से लिप्त सरकारी तंत्र इन ग्रांटों का दुरुपयोग कर रहा है। इसकी जीती-जागती मिसाल गांव बीदोवाली में देखने को मिली। यहां पंचायती राज्य विभाग की ओर से 35 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित मैरिज पैलेस मानसून की पहली बारिश को भी सहन नहीं पाया।
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लीकेज होने के कारण हाल की छत पर लाखों रुपये की कीमत से की गई सिलिंग के दो जगहों से लगभग 6-7 फुट के टुकड़े जमीन पर आ गिरे। हैरत की बात तो यह है कि विभाग द्वारा अभी चार दिन पहले ही नवनिर्मित इस मैरिज पैलेस की चाबियां गांव के सरपंच को सौंपी गई हैं। बता दें कि अभी तक इस पैलेस में एक भी समारोह नहीं हुआ है मगर पैलेस का गिरना शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि रविवार को मैरिज पैलेस के हाल में कोई समागम होना था। यही वजह है कि गत शनिवार को सफाई कर्मचारी यहां पर साफ-सफाई कर रहे थे। इस दौरान छत की सिलिंग उखड़ने का खुलासा हुआ। नए बने मैरिज पैलेस की ऐसी हालत देख कर्मचारी भी दंग रह गए। बाहर से बड़ा ही आलीशान तथा भव्य नजर आने वाला यह मैरिज पैलेस की सिलिंग अंदर से इतनी जल्दी उखड़ने लगी है कि जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण में किस कदर रुपयों का हेरफेर किया गया होगा। मैरिज पैलेस के निर्माण में किस कदर खाना-पूर्ति की गई है इसका अंदाजा मैरिज पैलेस में लगे शीशों के फ्रेमों को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। शीशों के आसपास बची खाली दरारों को भरने की भी जरूरत महसूस नहीं की गई। जबकि उन्हें छिपाने को ऊपर से रंग कर दिया गया है। वहीं मैरिज पैलेस के हाल के फर्श का अगला हिस्से में लगाया गया काफी किफायती दामों वाला पत्थर भी टूटने लगा है। और तो और हाल के मुख्य एल्युनियम दरवाजे का लॉक भी इतनी जल्दी खराब हो गया है कि मुख्य दरवाजे को रस्सी की मदद से बांधकर बंद किया जा रहा है। गांव बीदोवाला निवासी हरविंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, जसपाल सिंह तथा सूरत सिंह का कहना है कि सरकार द्वारा विकास के लिए भेजे जाने वाले फंडों में घपले की कहानी यह मैरिज पैलेस खुद बयां कर रहा है। उन्होंने कहा कि 35 लाख रुपये की लागत से बने इस मैरिज पैलेस के निर्माण में महज खानापूर्ति की गई है। सिर्फ बाहरी दिखावट की सौंदर्यता पर ध्यान दिया गया। उधर, जब गांव के सरपंच गुरतेज सिंह से इस संबंध में बात की गई तो वह कोई संतुष्टीजनक जवाब न दे सके। उन्होंने कोई सुनवाई न होने की बात कह पल्ला झाड़ा। जबकि मैरिज पैलेस का निर्माण कार्य देखने वाले जेई जग्गा का कहना था कि निर्माण कार्य बठिंडा के कारीगरों ने किया है। उन्होंने तो निर्माण के बाद चाबियां सरपंच को सौंप दी हैं। वहीं डिप्टी कमिश्नर परमजीत सिंह को जब इस मामले से अवगत करवाया गया तो उन्होंने इसकी जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
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