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मोगा नगर निगम का कमाल, काम करें बिना पड़ताल

Ludhiana Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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मोगा। पंजाब सरकार ने जनता को परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए सेवा का अधिकार अधिनियम एवं केन्द्र सरकार ने राइट-टू-इनफरमेशन अधिनियम जारी किया था। पंजाब व केन्द्र सरकार की ओर से यह कानून लाने पर भी राज्य के कई विभागों में लोगों की परेशानी बरकरार है। मोगा नगर निगम की ओर से एक युवती के आवेदन पर पहले जन्म रिकार्ड (नो एंट्री) न होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया और दोबारा आवेदन पर उसे प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
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अमृतपाल कौर नामक युवती ने 14 जून 2012 को अपना जन्म प्रमाण पत्र लेने को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय स्थित सुविधा केन्द्र पर आवेदन किया था कि उसकी जन्म तिथि 18 जनवरी 1988 और उसका जन्म स्थानीय एलडी अस्पताल में हुआ था। आवेदन संग उसने अस्पताल का प्रमाण पत्र भी लगाया था। युवती के आवेदन संख्या नंबर-52760 के आधार पर नगर निगम की जन्म एवं मृत्यु ब्रांच की ओर से उसे 18 जून को जन्म अंदराज (नो एंट्री) न होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जन्म प्रमाण पत्र में साफ शब्दों में लिखा था कि उसके जन्म रिकार्ड संबंधी रिकार्ड देखा गया। लेकिन उसके जन्म का अंदराज कार्यालय के रिकार्ड में नहीं है।

पीड़ित युवती ने विदेश संबंधी अपने दस्तावेज तैयार करने थे और उसने 28 जून को दोबारा फिर से फीस भरकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय स्थित सुविधा में प्रमाण पत्र का आवेदन कर दिया। नगर निगम की जन्म मृत्यु ब्रांच ने उसे 29 जून को जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जन्म प्रमाण पत्र में युवती की जन्म तिथि 18 जनवरी 1988 एवं जन्म का स्थान एलडी अस्पताल दर्ज है। जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र में युवती का जन्म रजिस्ट्रेशन नंबर-250 और रजिस्ट्रेशन संबंधी 21 जनवरी 1988 दर्ज की गई है। निगम की ओर से जारी किए गए इन दोनों प्रमाण पत्रों में जन्म तिथि एवं जन्म स्थान एक ही दर्ज है।
इस संबंधी नगर निगम की जन्म मृत्यु ब्रांच इंचार्ज बीसी तिवाड़ी ने कहा कि रिकार्ड खस्ता होने कारण यह गलती हो सकती है। लेकिन इस बात में उनका कोई तर्क नहीं दिख रहा। नो एंट्री सर्टिफिकेट में यह अंकित किया गया है कि पीड़ित युवती के जन्म संबंधी रिकार्ड खंगाला गया था। लेकिन उसका कार्यालय के जन्म रिकार्ड में उसका जन्म अंदराज नहीं है। इस संबंधी इन सर्टिफिकेटों पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी संग कई बार संपर्क किया गया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
गौरतलब है कि लोगों को विदेश व अन्य कार्यों के लिए जन्म प्रमाण पत्र एवं राशन कार्ड अनिवार्य है। यह सर्टिफिकेट लेने के लिए सुविधा केन्द्रों पर लंबी कतारें लग जाती है। सुविधा शुल्क देने पर भी जनता की परेशानी बरकरार है।

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