600 रुपये प्रति टन महंगा होगा सरिया, साइकिल पर 30 रुपये का बोझ बढ़ा

Ludhiana Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। महंगी बिजली के करेंट से पंजाब का उद्योग एवं व्यापार जगत तमतमा गया है। एक तरफ जहां उद्यमियों ने इसके खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है, वहीं दूसरी तरफ अपनी कॉस्टिंग भी नए सिरे से शुरू कर दी है।
बिजली की महंगाई का असर राज्य में बनने वाली हर वस्तु पर होना तय है। अब उद्यमी इस गुणा-भाग में जुट गए हैं कि 13 फीसदी की बढ़त का भार उत्पाद पर कितना आएगा। स्टील उद्योग ने दावा किया है कि महंगी बिजली के चलते सरिया की कीमत छह सौ रुपये तक बढ़ जाएगी, जबकि एक साइकिल पर तीस रुपये का बोझ और पड़ जाएगा। गारमेंट की कीमत में भी डेढ़ फीसदी तक उछाल आएगा। अब अप्रैल, मई, जून और मध्य जुलाई तक की गई बिक्री पर इस बढ़त का बोझ उद्यमियों को खुद उठाना पड़ेगा, इसकी भरपाई के लिए छह माह तक का वक्त लग सकता है।
आल इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन में पंजाब चैप्टर के चेयरमैन संदीप जैन कहते हैं कि फर्नेस में बिजली का इस्तेमाल कच्चे माल के तौर पर होता है। पांच टन की क्षमता वाली एक फर्नेस इकाई क ो प्रति माह बिजली बिल छह लाख रुपये से अधिक बढ़ जाएगा। अब उद्यमियों को एक अप्रैल से 15 जुलाई तक 21 लाख रुपये प्रति इकाई का भुगतान पावरकॉम को अपनी जेब से करना होगा। बाजार में फिलहाल सरिया की कीमत 47 हजार रुपये प्रति टन है, बिजली के बढ़े रेट लागू होने के बाद यह 43 हजार 600 रुपये प्रति टन ग्राहक को मिल सकेगा। जैन ने आपत्ति जताई कि एक तरफ सरकार बिजली की दरें बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ निजी क्षेत्र से सस्ती बिजली लेने पर भी रोजाना नए अड़ंगे खड़े किए जा रहे हैं। इससे उद्योग के लिए संकट बढ़ रहा है।
उधर यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह कुलार का तर्क है कि बिजली की दरों में हुई 13 फीसदी की वृद्धि के बाद साइकिल की लागत में तीस रुपये का इजाफा हो जाएगा। इस वृद्धि को पचाना उद्योग जगत के बस में नहीं है। फिलहाल बाजार में एक साइकिल करीब तीन हजार रुपये का उपलब्ध है। उधर निटवियर, अपैरल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ लुधियाना (कमल) के प्रेसिडेंट सुदर्शन जैन कहते हैं कि महंगी बिजली से गारमेंट की कीमत पर इसका डेढ़ फीसदी तक का बोझ पड़ेगा। जैन ने कहा कि सरकार ने मनमाने ढंग से कीमतें बढ़ा दी हैं, इसके लिए उद्योग से सलाह नहीं की गई है।

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