‘एक रेंक एक पेंशन’ की मांग

Ludhiana Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
गिद्दड़बाहा (मुक्तसर)। पूर्व सैनिक भलाई विंग जिला मुक्तसर की बैठक रविवार को जिला अध्यक्ष अवतार सिंह फकरसर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पूर्व सैनिकों की ‘एक रेंक एक पेंशन’ की वर्षों से लंबित चली आ रही मांग को पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि केंद्र सरकार उनकी मांगों के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है। हर बार कोई न कोई बहाना बना कर पूर्व सैनिकों की इस मांग को पूरा करने की बजाए टालमटोल की नीती अपनाई जा रही है। जब भी पूर्व सैनिक अपनी इस मांग को लेकर संघर्ष को तीव्र करने की कोशिश करते है तभी केंद्र सरकार कोई समिति का गठन कर इसे टालने की कोशिश शुरू कर देती है। इस बार भी ऐसा ही हुआ जब कुछ रोज पूर्व केंद्र सरकार ने एक रेंक एक पेंशन की मांग पर एक 6 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया, जो आने वाली 7 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि यदि इस बार इस कमेटी ने ‘एक रेंक एक पेंशन’ की मांग नहीं मानी तो पूर्व सैनिक अपने संघर्ष को और अधिक तेज करेंगे। बैठक के दौरान सरकार से कैंटीन तथा ईसीएचएस की सुविधाएं मलोट तथा गिद्दड़बाहा में भी मुहैया कराने की मांग उठाई गई। उपाध्यक्ष बीबी दलीप कौर हुस्नर तथा कैप्टन चंद सिंह ने बताया कि पूर्व सैनिकों को जरा सी बीमारी तथा कु छ समान की खरीददारी करने के लिये कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। उन्होंने यह मांग भी की कि ईसीएचएस की सुविधा प्राप्त पूर्व सैनिकों को संक्षिप्त बीमारी के लिए सरकारी अस्पतालों से दवाई लेने की सहुलियत प्रदान की जाए। इस अवसर पर जंग के दौरान अपाहिज हुए सैनिकों, शगुन स्कीम और पूर्व सैनिकों की विधवाओं को पेश आ रही समस्याओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अवतार सिंह फकरसर, प्रेस सचिव कृपाल सिंह वादियां, सचिव अवतार सिंह सहिना खेड़ा, सुखमंदर सिंह, संतोख सिंह मलोट, जगजीत सिंह भीटीवाला, मूर्ति कौर, गुरमेल सिंह खिड़कियांवाला, बिक्कर सिंह गिद्दड़बाहा, महिंदर सिंह, मलकीत कौर, बलवीर सिंह कोटभाई और गुरबख्श सिंह आदि भी उपस्थित थे।

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