अब मुर्गी की बीट से बिजली उत्पादन

Ludhiana Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पंजाब में एक तरफ भयंकर गर्मी एवं धान की बीजाई के चलते पावर संकट मंडरा रहा है, वहीं राज्य के पोल्ट्री किसानों ने कॉस्ट कटिंग के मंत्र को अपनाते हुए मुर्गी की बीट से बिजली बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। ट्रायल के तौर पर लुधियाना-मालेरकोटला रोड पर रतन पोल्ट्रीज फार्म में छोटा पावर प्लांट लगाया गया है। इसमें 25 हजार मुर्गियों की बीट से रोजाना बीस किलोवाट बिजली पैदा की जा रही है। ट्रायल की सफलता के बाद प्रबंधकों की योजना सौ केवी का पावर प्लांट लगाने की है। मुर्गियों की बीट से बिजली पैदा करने की लागत केवल दो से तीन पैसे प्रति यूनिट आ रही है, जबकि प्लांट में इस्तेमाल होने के बाद बीट की वेस्टेज को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
काबिलेजिक्र है कि पंजाब के पोल्ट्री उद्योग में करीब एक करोड़ मुर्गियां हैं। इनक ी बीट से राज्य में रोजाना आठ मेगावाट तक बिजली पैदा की जा सकती है। रतन पोल्ट्रीज ने बीस किलोवाट का प्लांट लगाने के लिए बीस लाख रुपये से अधिक का निवेश किया है। इस पर केंद्र सरकार आठ लाख रुपये की सब्सिडी देगी। इस बिजली से पोल्ट्री फ ार्म को गर्मियों में ठंडा रखने और सर्दियों में गर्म रखने के अलावा बल्ब और पंखे इत्यादि चलाए जा रहे हैं। इससे फार्म की रनिंग कॉस्ट काफी कम हो गई है।
रतन पोल्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल सिद्धू का कहना है कि सौ किलोवाट का प्लांट लगाने में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। इसके लिए घरेलू बाजार के अलावा कैलिफोर्निया से भी प्लांट आयात किया जा सकता है, लेकिन यह घरेलू प्लांट के मुकाबले महंगा है।
ऐसे होता है बिजली उत्पादन
सिद्धू के अनुसार मुर्गी के पिंजरे से बीट स्क्रैपर के जरिए या बेल्ट के जरिए ट्राली में भर दी जाती है। ट्राली से बीट को बायो-गैस प्लांट में डाल दिया जाता है। बीट से गैस बनने के बाद टरबाइन चलती है और जेनरेटर के माध्यम से बिजली पैदा होती है। सरकार ने शाम को दो घंटे के लिए पोल्ट्री उद्योग पर पीक आवर प्रतिबंध लगा रखा है। इस दौरान बीट से बनी बिजली के जरिए पोल्ट्री फार्म को चलाया जाता है। उनका दावा है कि ट्रायल काफी कामयाब रहा है। रतन पोल्ट्रीज में पांच लाख से अधिक मुर्गियां हैं, अब इनकी बीट से बड़े स्तर पर बिजली पैदा करने की तैयारी की जा रही है।

बीठ से बिजली बनाने के लाभ
-बीठ से तैयार हो रही है सस्ती बिजली
-बिजली पैदा करने में किसी तरह का धुआं नहीं होता
-बिजली पैदा करने के बाद बीठ की वेस्टेज से बदबू नहीं आती और मक्खियां नहीं आती
-वेस्ट को खेतों में खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
-पंजाब में पोल्ट्री किसान मुर्गी की बीठ से बिजली का उत्पादन शुरू कर रहे हैं। ट्रायल के तौर पर रतन पोल्ट्रीज ने एक छोटा बिजली उत्पादन प्लांट लगाया है। इसमें रोजाना 25 हजार मुर्गियों की बीठ से बिजली पैदा की जा रही है। ट्रायल की सफलता के बाद इसे बड़े स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है।

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