मोगा नगर निगम में घोटाले की जांच पुलिस को

Ludhiana Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
मोगा। नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में हुए लाखों रुपये के घोटाले की जांच सिटी पुलिस ने शुरू कर दी है। तीन साल पुराने इस मामले में संबंधित कर्मचारी द्वारा अपना दोष स्वीकार करने पर विभाग ने उसकी एक तरक्की रोक कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया थी। वहीं राज्य के निकाय विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते निगम अधिकारियों को इसकी जांच पुलिस से करवाने के निर्देश दिए थे।
निगम अधिकारियों ने एसएसपी को पत्र लिखा है कि साल 2008-2009 दौरान निगम की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से जमा करवाई गई लाखों रुपये की राशि कैशियर गुरमीत सिंह ने निगम के खाते में जमा करवाने की बजाए अपने निजी खाते में जमा करवाई। बाद में अपने खाते से चेक काटकर निगम खाते में जमा करवाए गए। इस तरह कैशियर ने निगम की 3 लाख 39 हजार 930 रुपये की रकम का दुरुपयोग किया। यह घोटाला 29 अप्रैल 2009 को निगम के सहायक आडिट विभाग ने पकड़ लिया और अधिकारियों को जानकारी दी। लोकल बाडीज विभाग की ओर से मामले की जांच बठिंडा के डिप्टी डायरेक्टर से करवाई गई तो कैशियर गुरमीत सिंह को चार्जशीट कर दिया गया। बाद में उसने लिखित रूप में अपना दोष स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसकी एक तरक्की रोक कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वहीं पंजाब सरकार के लोकल बाडीज विभाग ने मामले को गंभीर बताते हुए निगम अधिकारियों को यह मामला पुलिस को सौंपने के लिए कहा था। थाना सिटी के एसएचओ जसवरिंदर सिंह ने शिकायत की पुष्टि करते कहा कि मामले की जांच की जा रही है और कानूनी राय के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
जाली नक्शा बनाने वाला गिरफ्तार
निगम अधिकारियों के जाली हस्ताक्षरों से बिल्डिंग का नक्शा तैयार करने का एक और मामला भी सामने आया है। खुद को पुलिस कर्मचारी बताने वाले जोरा सिंह की ओर से धर्म सिंह नगर स्थित अपने प्लाट पर एक निजी बैंक से कर्जा लेने के लिए बिल्डिंग का नक्शा दिया गया था। संबंधित बैंक की ओर से इस नक्शे की पुष्टि के लिए निगम दफ्तर भेज दिया गया तो इसका खुलासा हो गया। सूत्र बताते हैं कि निजी बैंकों के पास कर्जा दिलाने वाले ने यह नक्शा कंप्यूटर से स्कैन करके दिया था। निगम कर्मचारियों ने उक्त व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस की ओर से जांच की जा रही है।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाले के तीसरे केस में लालू यादव दोषी करार, दोपहर 2 बजे बाद होगा सजा का ऐलान

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017