मनुष्य जन्म को व्यर्थ न गंवाएं

Ludhiana Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
मुक्तसर। यह सत्य है कि धन-दौलत से बहुत कुछ पाया जा सकता है, मगर यह भी सत्य है कि धन-दौलत से जीवन नहीं पाया जा सकता। धन-दौलत तो एक बार छीन जाए तो दोबारा प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन अगर यह जीवन एक बार खो दिया तो दोबारा नहीं पा सकते। यह विचार स्वामी कमलानंद गिरि जी ने श्री राम भवन में मांगलिक सत्संग कार्यक्रम में व्यक्त किए।
मंगलवार को प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। यह जन्म बार-बार नहीं मिलता। इसलिए इस कीमती जीवन का पूरा आनंद उठाओ और प्रभु सिमरन करते रहो। स्वामी कमलानंद जी ने कहा कि व्यक्ति को क्रोध नहीं करना चाहिए। क्रोध व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु है। क्रोध मनुष्य को जलाकर राख कर देता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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