बेटी के सामने महिला से सामुहिक दुराचार

Ludhiana Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
जगरांव (लुधियाना)। हवस के भूखे दरिंदों ने एक विवाहिता के साथ उसकी बच्ची के सामने ही पंद्रह दिन तक दुराचार किया। मंगलवार देर शाम वह किसी तरह बच्ची सहित आरोपियों की कैद से भाग कर थाने पहुंची। घायल विवाहिता को पुलिस ने सिधवांबेट के अस्पताल दाखिल करवाया। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज कर लिया।
सिधवांबेट सिविल अस्पताल में इलाज करा रही पीड़ित विवाहिता निवासी उमरेवाल ने पुलिस को बताया कि वह कुछ दिन पहले अपने ससुराल गांव कोटउमरां से अपने तीन बच्चों सहित मायके गांव तलवाड़ा आई हुई थी। 25 मई को वह अपनी पांच वर्षीय बेटी को लेकर मायके से दवाई लेने को गांव कोटउमरा चल पड़ी। सिधवांबेट के किशनपुरा चौक से बस बदलने के लिए जब वह बस स्टैंड पर उतरी तो गांव कोटउमरां निवासी जसबीर सिंह पुत्र पूर्ण सिंह उसे मिल गया। उसके साथ गांव उमरेवाल का रामप्रताप सिंह भी बाइक पर साथ था। पीड़ित विवाहिता के अनुसार जसबीर और राम प्रताप ने उसे यह कहकर बाइक पर बिठा लिया कि वह भी उधर ही जा रहे हैं। पीड़िता के अनुसार रामप्रताप रास्ते में कई फोन करता रहा और उन्होंने उसे जूस भी पिलाया। इसी दौरान एक कार पर दो और लोग आ गए, जिसके बाद जसबीर ने उसे कार में बैठा लिया।
पीड़िता के अनुसार उक्त चारों उसे अज्ञात जगह पर बने एक कमरे में ले गए, जहां चारों ने बारी-बारी दुराचार किया। उक्त आरोपियों ने 15-16 दिन तक उसे और पुत्री दोनों को उक्त कमरे में बंधक बनाकर रखा। मंगलवार देर शाम जब आरोपी काफी देर तक वहां नहीं आए तो उसने किसी तरह कमरे का दरवाजा तोड़कर मायके घर पहुंची। वहां से परिजन उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत की। मामले की जांच कर रहे थाना सिधवांबेट के एएसआई अमरीक सिंह ने बताया कि विवाहिता के बयान पर जसबीर सिंह निवासी कोटउमरां और रामप्रताप निवासी उमरेवाल सहित दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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