जाली करेंसी मामले में पांच साल कैद

Ludhiana Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
मुक्तसर। जिला एवं सेशन जज जेएस कुलार की अदालत ने जाली करेंसी के एक मामले की सुनवाई करते हुए एक दोषी को पांच साल की कैद और चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी को अदालत द्वारा पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। उक्त मामला थाना कोटभाई पुलिस ने 9 मार्च 2006 को गांव सुखना अबलू निवासी गुरप्रेम सिंह की शिकायत पर दर्ज किया था।
गुरप्रेम सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना से करीब दस दिन पूर्व वह बलविंदर सिंह सहित अपने घर पर बैठा था। इस दौरान शाम करीब चार बजे गांव रूपाणा निवासी जसपाल सिंह पुत्र गुरमेल सिंह और राजस्थान के संगरिया जिले के गांव फतेहपुर निवासी यूनुस खान उर्फ यूनुस अली पुत्र अकबर मोहम्मद उनके पास आए। जसपाल सिंह का गांव में आना-जाना होने के नाते वह उसे जानता था। उक्त दोनों ने उन्हें बताया कि वह जाली नोट बनाने का धंधा करते हैं। उनके द्वारा असली नोट लेकर उनके बदले तीन गुना नोट देने की बात कही गई। साथ ही पांच सौ रुपये का एक नकली नोट उन्हें दिखाया तो वह लालच में आ गए। गुरप्रेम सिंह ने बताया कि उसने और बलविंदर सिंह ने उन्हें 20 हजार रुपये दे दिए। इस पर आरोपियों ने कुछ दिन बाद तिगुनी राशी देने का विश्वास दिया। इसी बीच जब उन्होंने उक्त पांच सौ रुपये के नोट को चलाने की कोशिश की, लेकिन नकली होने कारण बाजार में नहीं चल नहीं सका। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर सारी घटना के बारे में पुलिस को बताया। पुलिस ने इस संबंध में जसपाल सिंह और यूनुस खान पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने यूनुस खान को धारा 489बी में 5 वर्ष कैद और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा ना करने पर 6 माह अतिरिक्त कैद का आदेश दिया। इसी तरह धारा 420 में 3 साल कैद और 2 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई है। उक्त दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। वहीं इस मामले में जसपाल सिंह को अदालत द्वारा पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है।

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