अमृतसर, मुक्तसर, फिरोजपुर और बठिंडा में बनेंगी नई जेलें

Ludhiana Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
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मोगा। डायरेक्टर जनरल पुलिस (जेल) शशिकांत ने सोमवार देर शाम को स्थानीय सब जेल का औचक निरीक्षण किया। जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण लगभग 50 कैदियों को फरीदकोट की माडर्न जेल में तबदील करने का आदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कैदियों की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें दिए जाने वाले खाने की भी जांच की।
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डीजीपी शशिकांत ने कहा कि घनी आबादी में जेलें के होने कारण बड़ी समस्या आ रही है, इसलिए जेलें आबादी से दूर बढ़ाने की योजना है। उन्होंने कहा कि अमृतसर, मुक्तसर, फिरोजपुर और बठिंडा में नई जेलें बनाने के लिए जगह का चयन कर लिया गया है, जबकि बाकी जेलों का जायजा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेलों पर मोबाइल के प्रयोग की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग की ओर से बैरकों में टच स्क्रीन टेलीफोन लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जेलों के सुधार के लिए प्रयास कर रही है।
शशिकांत ने कहा कि जेलों में कैदियों में पैसों का झगड़ा रोकने के लिए स्मार्ट कार्ड सिस्टम जल्द चालू किया जा रहा है। उन्होंने कैदियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। सब जेल में सिर्फ 46 कैदियों को रखने की क्षमता है, जबकि यहां पर 124 कैदी बंद हैं। ऐसे में डीजीपी ने 50 कैदियों को तुरंत फरीदकोट की जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिए।
जेलों में बनेगी फैक्ट्रियां : शशिकांत
करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
डीजीपी ने लिया माडर्न जेल का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब की जेलों में जल्द ही फैक्ट्रियों की स्थापना की जाएगी और इनके निर्माण पर 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह जानकारी डीजीपी जेल शशिकांत ने मंगलवार को स्थानीय आधुनिक जेल के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
डीजीपी शशिकांत ने बताया कि इन फैक्ट्रियों से तैयार होने वाले माल को बाजार में बेचकर उससे होने वाली आमदनी को जेलों में बंद कैदियों व हवालातियों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेलों में नशे की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ जेलों के रिहायशी क्षेत्र में होने के कारण दिक्कत आ रही है। वहीं जेलों में कैदियों व हवलातियों की बढ़ती संख्या का संतुलन ठीक करने के लिए नई जेलों के निर्माण की योजना बनाई गई है। एक नई जेल के लिए करीब 95 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ती है, लेकिन जमीन न मिलने के कारण नई जेलों के निर्माण की योजना में देरी हो रही है। नई जेलों के निर्माण होने तक छोटी जेलों से कैदियों को बड़ी जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। डीजीपी ने आधुनिक जेलों फरीदकोट व कपूरथला का निर्माण करने वाली ओमेक्स कंपनी पर अंगुली उठाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी ने जेलों के निर्माण में घटिया किस्म की सामग्री का इस्तेमाल किया है। इसकी जांच करवाने के लिए वह पंजाब सरकार से शिकायत करेंगे। इस मौके पर जेल अधीक्षक तेजिंदर सिंह मौड़ समेत अन्य जेल अधिकारी हाजिर हुए।

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