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501 एसएसए/रमसा अध्यापकों को तैयार करके पटियाला में समूहिक मरणव्रत रखने का किया फैसला

Panchkula bureau Updated Sun, 16 Sep 2018 10:20 PM IST
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अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल मंत्री भारत भूषण आशु से मिला
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पूरी तनख्वाह समेत रेगुलर करने के लिए मांगों के दस्तावेज किए पेश
अध्यापकों को तैयार करके पटियाला में सामूहिक मरणव्रत रखने का किया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एसएसए/रमसा अध्यापक यूनियन लुधियाना का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान अमनदीप सिंह तथा जिला जनरल सचिव गगनदीप सिंह की अगुवाई में कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से मिला। गौर हो कि इन यह अध्यापक शनिवार को भी परिवार समेत कैबिनेट मंत्री को मिलने के लिए उनके घर गए थे। परंतु कैबिनेट मंत्री की गैर मौजूदगी कारण मीटिंग संभव नहीं हो सकी थी। परंतु प्रशासन की ओर से अध्यापक नेताओं का कैबिनेट मंत्री से मीटिंग के लिए रविवार का समय नििश्चित किया गया था। यूनियन ने अपनी शिक्षा विभाग में पूरी तनख्वाह समेत रेगुलर करने की मांग के संबंधी में पुख्ता दस्तावेज कैबिनेट मंत्री के आगे पेश किए गए। कैबिनेट मंत्री की ओर से इन दस्तावेजों को विचार करने का भरोसा दिया गया। यूनियन नेताओं ने बताया कि पिछले दिनों के दौरान मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग तथा इसके अधिकारियों की ओर से पंजाब कैबिनेट को 94 प्रतिशत अध्यापकों के तनख्वाह के लिए सहमति होने की बात कह कर गुमराह किया जा रहा है। लुधियाना जिले में काम कर रहे लगभग 600 एसएसए/रमसा अध्यापकों में पांच-छह दिनों के दौरान तनख्वाह का विरोध करने वाले लगभग 350 अध्यापकों के दस्तखत किए दस्तावेज कैबिनेट मंत्री के सामने रखे गए तथा उन्हें ये बताया गया कि पंजाब में बड़ी गिनती में अध्यापक 10300 के विरोध में है तथा वह पूरी तनख्वाह समेत शिक्षा विभाग में रेगुलर होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। कैबिनेट मंत्री आशु से अध्यापकों की मीटिंग न खुश रही। अध्यापक नेताओं ने बताया कि एसएसए/रमसा अधीन लगभग 8500 अध्यापक लगभग पिछले 10 सालों से पंजाब भर के स्कूलों में सेवाएं निभा रहे हैं तथा पिछले लंबे समय से शिक्षा विभाग में रेगुलर करने की मांग कर रहे है। परंतु विभिन्न कानूनो तथा केंद्र से आई चिट्ठी को पूरी तरह अनदेखा करती रही पंजाब सरकार की ओर से अब इन अध्यापकों को रेगुलर करने की बात को कही जा रही है। जिससे सिर्फ 8500 अध्यापक ही नहीं बल्कि इन अध्यापकों पर पूरी तरह निर्भर इनके परिवार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री तथा पंजाब सरकार से मांग की कि सरकार इस तरीके से किए जा रहे तानाशाही फैसले पर दोबारा विचार करते हुए इसे तुरंत रद्द करे तथा अध्यापकों की जायज मांगे उन्हें पूरी तनख्वाह पर सहूलत समेत शिक्षा विभाग में रेगुलर करना शामिल है तुरंत लागू करे। उन्होंने कहा कि जत्थेबंदी की ओर से पहले ही लिए फैसले अनुसार सरकार की ओर से इस फैसले को वापस न लेने की सूरत में 501 अध्यापक पटियाला में सामूहिक मरणव्रत करेंगे। जोकि अध्यापकों की मौत नहीं बल्कि सरकार की ओर से किया गया नीतिगत कत्ल होगा। मीटिंग में नवनीत कौर, नमिता, राजवीर समराला, राकेश कुमार, मनराज सिंह व अन्य मौजूद रहे।

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