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पंजाब विधानसभा चुनाव: टिकटों के आवंटन में भाजपा ने पुराने नेताओं को किया दरकिनार, नए चेहरों को मिल रही तरजीह

सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 23 Jan 2022 03:43 PM IST

सार

पार्टी की तरफ से कैप्टन व ढींडसा के साथ समझौते में सभी बड़े चेहरों को दरकिनार किया गया। पार्टी की तरफ से सिख चेहरों को शामिल करने का अभियान जारी कर रखा है और लगातार पार्टी दूसरी पार्टियों से आने वाले सिख चेहरों को तरजीह देने लगी है।
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भाजपा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 34 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और इसमें 13 सिख चेहरों को शामिल किया गया है। पार्टी के टिकट आवंटन में टकसाली भाजपाई एकदम दरकिनार हैं। पार्टी में हालात यह हैं कि बैठकों में टकसाली नेताओं के स्थान पर पहली कतार में वह नेता बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में भाजपा की सदस्यता हासिल की है। पार्टी में इस बात को लेकर रोष भी है कि जिन नेताओं ने पार्टी की एक एक ईंट को पंजाब में लगाया, उनको दरकिनार नहीं करना चाहिए।

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पार्टी में पंजाब की पहली कतार की लीडरशिप में तेजतर्रार नेत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला, बलदेव प्रकाश चावला अमृतसर का अहम योगदान रहा है। जालंधर से मनोरंजन कालिया, होशियारपुर से तीक्षण सूद, जालंधर से भगत चुन्नी लाल, नंगल से मदन मोहन मित्तल, लुधियाना से प्रो. राजिंदर भंडारी का अहम योगदान रहा है, जो आंतकवाद के दौर से ही पंजाब में भाजपा का ध्वज उठाकर चलते रहे हैं। इसके अलावा पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना भी अग्रणी नेताओं में शुमार हैं। 


पार्टी की तरफ से कैप्टन व ढींडसा के साथ समझौते में इन तमाम चेहरों को दरकिनार किया गया। पार्टी की तरफ से सिख चेहरों को शामिल करने का अभियान जारी कर रखा है और लगातार पार्टी दूसरी पार्टियों से आने वाले सिख चेहरों को तरजीह देने लगी है। यही वजह कि पंजाब में चुनावी बिसात में प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत के अगल बगल राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के अलावा परमिंदर बराड़ नजर आ रहे हैं। 

पंजाब में पार्टी अब टकसाली नेताओं के स्थान पर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा की हर कदम पर सलाह लेकर रणनीति तैयार कर रही है। हाल ही में पार्टी की तरफ से मीटिंग में टकसाली भाजपाई नेता किनारे रहे जबकि नए चेहरों का पूर्ण रूप से बोलबाला रहा। इतना ही नहीं, टकसाली नेता मनोरंजन कालिया को अपनी टिकट ओके करवाने के लिए जोर लगाना पड़ा। कालिया प्रदेश भाजपा के प्रधान के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक दल के नेता रह चुके हैं। पार्टी के नेता खुलकर तो बोलने से कतरा रहे हैं पर उनका कहना है कि जिन नेताओं ने पार्टी में उस दौर में पंजाब में कमल का फूल खिलाया, जिस दौर में लोग घरों से बाहर निकलने से घबराते थे। ऐसे में नए चेहरों के चक्कर में भाजपा के टकसाली भाजपाइयों को दरकिनार नहीं करना चाहिए।

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