हिंदी के अल्फाजों से झुकाया आतंकवाद

Jalandhar Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
जालंधर। एक नौजवान लड़की ने निडरता व साहस के जरिए अपनी राजभाषा के सामने आतंकवादी संगठनों को झुकने पर मजबूर कर दिया। यह साहस बिहार के भागलपुर की रहने वाली डा. कंचन ने मणिपुर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कर दिखाया और स्टेज पर न केवल हिंदी के गीत गाए बल्कि राजभाषा में संबोधन भी किया। मणिपुर के आतंकवादी संगठनों को खुलेआम चुनौती देकर उनको न केवल झुकने पर मजबूर किया बल्कि आज मणिपुर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में हिंदी की अलख को पूर्ण रूप से जगा भी दिया। साहसी युवती डा. कंचन रविवार को जालंधर में पंजाब कला साहित्य अकादमी अवार्ड लेने के लिए आई हुई थी। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की।
डा. कंचन ने बताया कि उसने हिंदी में मास्टर डिग्री करने के बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी मणिपुर में हिंदी प्रोफेसर की नौकरी मिल गई। वहां पर हिंदी को लेकर आतंकवादी संगठनों का कड़ा प्रतिबंध था। 2009 मई में उन्होंने यूनिवर्सिटी ज्वाइन की तो देखा कि हिंदी भाषा को लेकर वहां पर काफी रोक-टोक थी। नवंबर 2009 में सेंट्रल यूनिवर्सिटी मणिपुर को देश की सारे विश्वविद्यालयों का स्वागत करना था। ऐसे प्रोफेसर की तलाश की गई जो हिंदी के साथ अंग्रेजी का पूर्ण ज्ञान रखता हो। इसके लिए वीसी अभोगा सिंह व डीन रत्न सिंह ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी में यूथ फेस्टिवल की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर डाल दी। डा. कंचन ने बताया कि जब समारोह शुरू हुआ तो स्वभाविक था, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। समारोह के दौरान आतंकवादी संगठनों से जुड़े उनके दूत भी बैठे हुए थे, जिन्होंने तत्काल सारी बातें फोन पर बात दी। समारोह के दौरान ही मुझे पर्चियां भेजकर कहा जाने लगा कि भाषण हिंदी में नहीं अंग्रेजी में दिया जाए। डा. कंचन बोली कि मुझमें न जाने कहां से इतना साहस आया कि मैने गीतों को हिंदी में गाना शुरू कर दिया और कह दिया कि जिसको गोली मारनी है, मुझको मार दो, मुझे कोई डर नहीं है।
इसके बाद मुझे कई प्रोफेसर सहयोगियों ने प्रेशर बनाया कि छोड़ो, क्या लेना देना है, अपनी नौकरी करो लेकिन मैने हिंदी की ज्योति प्रज्वलित की और उसको आगे बढ़ाना जारी रखा। इसके आगे आतंकवादी संगठनों को भी झुकना पड़ा। चेहरे पर मुस्कान लिए डा. कंचन कहती हैं कि इसके बाद वीसी साहब को आतंकवादी संगठनों का संदेश आया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह हिंदी भाषा व शिक्षा का विरोध नहीं करेंगे, उनका विरोध तो हिंदी भाषियों के दृष्टिकोण को लेकर जारी रहेगा, जो नार्थ ईस्ट के लोगों को अच्छा नहीं समझते। डा. कंचन कहती हैं कि धैर्य व साहस से सब कुछ संभव है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

लेडी खली कविता ने खोला राज, बताया कैसे पहुंची WWE तक

WWE में पहुंचनेवाली पहली भारतीय महिला कविता देवी ने अपने इंटरव्यू में की कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात। कविता ने बताया कि उन्हें द ग्रेट खली से कितना सपोर्ट मिला और उन्हें ट्रेनिंग के कितने कड़े शेड्यूल से होकर गुजरना पड़ा।

21 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper