दौड़ नहीं पा रहा पंजाब का ट्रांसपोर्ट

Jalandhar Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
जालंधर। प्रदेश में लाखों लोगों को रोजगार देने वाला ट्रांसपोर्ट उद्योग अब तबाही की कगार पर खड़ा है। इस उद्योग पर बुरे दिनों में एक साथ कई ऐसे फैक्टरों ने अटैक कर दिया है, जिससे इसकी कमर टूट गई है। अगर यह संकट बरकरार रहा तो वह दिन दूर नहीं, जब ट्रांसपोर्टरों की धरती कहलाने वाला पंजाब दूसरे प्रदेशों के ट्रकों व अन्य कामर्शियल व्हीकलों से ही माल ढुलाई करेगा।
पंजाब में एक लाख 12 हजार के आसपास ट्रक हैं। इनके जरिए लाखों लोगों का रोजगार चलता है। जहां केंद्र सरकार ने डीजल में पांच रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर इस उद्योग को झटका दिया है वहीं प्रदेश सरकार भी इस कारोबार के प्रति उदासीन है।

इन संकटों ने घेरा है ट्रांसपोर्टरों को
1- डीजल के मूल्य में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है, जिस कारण ट्रांसपोर्टरों का खर्च अधिक होने लगा है।
2-टायरों के दाम पांच हजार रुपये प्रति जोड़ी बढ़ गए हैं। टायरों की एक जोड़ी की कीमत 35 हजार 500 रुपये तक पहुंच गई है।
3- ट्रकों के स्पेयर पार्ट्स की कीमत में भी पिछले दो माह में 20 फीसदी इजाफा हो गया है।
4- ट्रकों के मेकेनिकों ने भी अपनी लेबर कॉस्ट में 30 फीसदी इजाफा कर दिया है।
5- ट्रकों के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल आयल व ग्रीस की कीमत 20 फीसदी बढ़ गई है। मोबाइल आयल के रेट में 300 रुपये प्रति कैन का इजाफा।
6- पहले हिमाचल से ट्रक ड्राइवर यहां काम करते थे लेकिन हिमाचल में रोजगार के अवसर पैदा होने से अब ट्रक चालकों का संकट भी गहरा गया है। चालकों ने पगार भी मनमानी लेनी शुरू कर दी है।
7-ट्रक माल की ढुलाई करे या न करे, रोजाना ट्रांसपोर्टरों को खड़े ट्रक का एक हजार खर्च पड़ रहा है। इंश्योरेंस, ड्राइवर व क्लीनर को पगार देनी ही होती है।
8- पंजाब में ट्रांसपोर्टरों का अधिक कारोबार रबड़ इंडस्ट्री के सहारे था। साउथ के चेन्नई से कच्ची रबड़ ट्रकों में आती थी, जिसकी चप्पल बनकर पूरे देश में सप्लाई होती थी लेकिन अब रबड़ की इंडस्ट्री न के बराबर रह गई है।
9- पंजाब से आलू अन्य राज्यों में जाता था लेकिन अब आलू कारोबारी ट्रेन से आलू भेज देते हैं। दूसरा आलू की पैदावार अब बंगाल, यूपी समेत कई राज्यों में होने लगी है।
10- पंजाब से स्पोर्ट्स इंडस्ट्री समेत लोहे का कारोबार दिल्ली शिफ्ट होने से भी ट्रांसपोर्टरों को झटका लगा है।

दुबई व कनाडा में कामयाब, पंजाब में फेल
पंजाब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान हैप्पी संधू का कहना है कि ट्रांसपोर्ट उद्योग पंजाब में नंबर वन रहा है, यहां के ट्रांसपोर्टरों ने दुबई व कनाडा में जाकर अपने ट्राले चलाकर ट्रांसपोर्ट उद्योग को विकसित कर लिया है, पर पंजाब में क्यों फेल हो गए, यह बताने की जरूरत नहीं है। जितना हमारा नुकसान केंद्र सरकार कर रही है, उससे अधिक पंजाब सरकार। हम मांग कर थक चुके हैं लेकिन हमारी कोई नहीं सुनता। पिछले दस सालों से कारोबार निरंतर गिरता जा रहा है। हमें अफसरशाही का अलग डर सताता है, बेवजह कई-कई दिन हमारे ट्रकों को अधिकारी रोके रखते हैं, पंजाब से कारोबार सिमटता जा रहा है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी एसटीएफ ने मार गिराया एक लाख का इनामी बदमाश, दस मामलों में था वांछित

यूपी एसटीएफ ने दस मामलों में वांछित बग्गा सिंह को नेपाल बॉर्डर के करीब मार गिराया। उस पर एक लाख का इनाम घोषित ‌किया गया था।

17 जनवरी 2018

Related Videos

लेडी खली कविता ने खोला राज, बताया कैसे पहुंची WWE तक

WWE में पहुंचनेवाली पहली भारतीय महिला कविता देवी ने अपने इंटरव्यू में की कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात। कविता ने बताया कि उन्हें द ग्रेट खली से कितना सपोर्ट मिला और उन्हें ट्रेनिंग के कितने कड़े शेड्यूल से होकर गुजरना पड़ा।

21 अक्टूबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper