नियमों की अनदेखी करके फिश एक्वेरियम का नींव पत्थर

Jalandhar Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
जालंधर। नगर निगम के लिए प्रयोग बने कंपनी बाग पर फिश एक्वेरियम और फूड कार्नर का वीरवार को विवाद के बीच नींव पत्थर रख दिया गया। विपक्षी पार्टी कांग्रेस के कमजोर विरोध के कारण नींव पत्थर रखने के लिए नियमों की सरेआम अनदेखी की गई, लेकिन बेखौफ निगम और मंत्री ने अब नियमों की अनदेखी को सुधारने के लिए दोबारा यानी नींव पत्थर रखने के बाद निगम हाउस की बैठक में प्रस्ताव पारित करवाने की घोषणा तक कर दी गई।
शाम साढ़े चार बजे स्थानीय निकाय मंत्री भगत चुन्नी लाल ने कंपनी बाग में फिश एक्वेरियम और फूड कार्नर का नींव पत्थर रखा। उनके साथ मेयर राकेश राठौर, सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया, डिप्टी मेयर प्रवेश तांगड़ी और अकाली दल के जिलाध्यक्ष गुरचरण सिंह चन्नी भी थे। इससे पहले मेयर राकेश राठौर ने पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि फिश एक्वेरियम व फूड कार्नर बनवाने का मकसद पंजाब के युवाओं को शिक्षित और जागरूक करना है। इसके लिए फिश एक्वेरियम में खास हाल बनाए जाएंगे जिसमें थ्री जी हाल भी बनाया गया है और विशेषज्ञ भी एक्वेरियम में युवाओं को जागरूक करेंगे। स्थानीय निकाय मंत्री भगत चुन्नी लाल ने कहा कि यह एक बढ़िया काम है। इसका विरोध करना गलत है। कांग्रेस पंजाब के निवासियों के साथ नहीं है जिस कारण विरोध कर रही है। चाइना उशैन कारपोरेशन के चेयरमैन लिम्म ली ने कहा कि थ्री जी फिश एक्वेरियम व फूड कार्नर भारत में पहला फिश एक्वेरियम है। उन्होंने कहा कि ऐसे थ्री जी फिश एक्वेरियम का निर्माण 1960 में यूएस में हुआ था। अब 2012 में भारत में ऐसा एक्वेरियम बनाया जा रहा है।

इन नियमों की अनदेखी
- पहले कंपनी बाग में केवल फूड कार्नर बनाया जाना था। इसकी मंजूरी निगम के हाउस ने दी थी।
- अब फूड कार्नर के साथ थ्री जी फिश एक्वेरियम बनाया जा रहा है। इसकी मंजूरी हाउस से ली ही नहीं गई।
- फूड कार्नर के लिए जगह की मंजूरी 20 साल के लिए दी गई थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट 45 साल के लिए पास किया गया है।
- बिना मंजूरी के प्रोजेक्ट संबंधी टेंडर निकाले गए और टेंडर सिंगापुर की कंपनी को दे भी दिया गया।
- अब मामले के सामने आने पर 27 अगस्त को निगम के हाउस की मीटिंग रखी गई है। नींव पत्थर रखने के बाद प्रोजेक्ट को इस मीटिंग में पास करवाया जाएगा।

यह है प्रोजेक्ट
नगर निगम ने बीते महीने फिलीपाइंस की कंपनी से समझौता (बीओटी आधार पर) किया। 4500 वर्ग गज जमीन 45 साल की लीज पर दे दी गई जबकि दो साल का मुफ्त में निर्माण समय भी दिया है। कंपनी फिश एक्वेरियम व फूड कार्नर बनाने के बाद मोटी कमाई करेगी, लेकिन निगम के हाथ सिर्फ 11 लाख रुपये सालाना आएंगे जबकि इस जमीन की कीमत ही करोड़ों रुपये है। इनके निर्माण पर कंपनी 30 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

नहीं आया कोई भी विधायक
अकाली-भाजपा सरकार के इतने बड़े प्रोजेक्ट के नींव पत्थर के लिए नगर निगम में एक बड़ा समारोह रखा गया था। इसमें छोटे से लेकर स्थानीय निकाय मंत्री तक शामिल थे, लेकिन विधायक मनोरंजन कालिया, सीपीएस केडी भंडारी और विधायक परगट सिंह शामिल ही नहीं हुए। मेयर राकेश राठौर ने कहा कि तीनों विधायकों को निमंत्रण पत्र भेजे गए थे, लेकिन उनके न आने के कारण के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

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