रेडिका : सिल्वर जुबली का गोल्डन सफर

Jalandhar Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
कपूरथला। रेल डिब्बा कारखाना (रेडिका) का सिल्वर जुबली सफर पूरी तरह गोल्डन रहा है। कारखाना ने अपने 25 साल की यात्रा में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस दौरान इस फैक्टरी ने जहां भारतीय रेल को नई तकनीक से सुसज्जित रेल कोच बनाकर दिए वहीं विदेशी सरजमीं पर भी देश का नाम रोशन किया। यहां बनाए गए डिब्बे दक्षिण अफ्रिका, म्यांमार, सेनेगल और माली रेलवे को निर्यात किए गए। रेलवे ट्रैकों को साफ सुथरा रखने के लिए रेडिका द्वारा तैयार किए जा रहे बायोलॉजी टायलेट अपने आप में मिसाल है।
रेडिका ने देश की प्रमुख गाड़ियों के लिए स्पेशल कोच बनाकर कीर्तिमान बनाए और देश को डबल डैकर, दुरंतो ट्रेन, सुपर एसी ट्रेन तथा शताब्दी ट्रेन के लिए विशेष तकनीक के कोचों का निर्माण किया। रेडिका ने विश्व स्तर पर एलएचबी डिजाइन के थ्री टायर एसी कोच, गरीब रथ, हाइब्रिड कोच, सेल्फ जेनरेटिंग एलएचबी एसी कोच बना रहे हैं। इन्हें देश की एक्सप्रेस गाड़ियों में लगाया जाएगा और पावर कार की आवश्यकता नहीं रहेगी तथा गाड़ियों में यात्रियों की संख्या बढे़गी।
रेल कोच फैक्टरी द्वारा बायोलॉजी टायलेट 6 रैकों का निर्माण कर लिया है, जो जल्द ही देश की रेल पटरियों पर दौड़ेंगी। भारतीय रेल बोर्ड की ओर से 500 से अधिक स्टेनलेस स्टील डिब्बों के निर्माण का लक्ष्य रेल कोच फैक्टरी कपूरथला को दिया गया है। रेडिका के इंजीनियर फिलहाल इस कार्य में लगे हुए हैं। आरसीएफ देश के सर्वोत्तम रेल डिब्बा कारखाने के रूप में विकसित हुआ। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस गाड़ियों के लिए 377 कोचों का निर्माण किया। आरसीएफ ने स्टेनलेस स्टील कोचों के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की, रेडिका कोच निर्माण में रिकार्ड बनाकर अब प्रति साल 1668 कोचों का रिकार्ड उत्पादन कर रहा है। स्टेनलेस स्टील हाइ स्पीड कोच, स्टेनलेस स्टील हाइब्रिड कोच, आईसीएफ कोच तथा निर्यात के लिए एमजी कोचों के विभिन्न प्रारूप तैयार करने में महारथ हासिल की व राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस गाड़ियों के 377 कोचों का निर्माण किया तथा स्टेनलेस स्टील दुरंतो रेकों का निर्माण, एसईएमयू के ट्रेलर कोचों में लैब मुहैया करवाई, लोकल ट्रेनों में अब लैबोरेटरी की सुविधाएं पहली बार उपलब्ध करवाई। आरसीएफ की सबसे बड़ी उपलब्धि देश के प्रथम एसी डबल डेकर कोच के निर्माण रही।

खेलों में भी कमाया नाम
इस कारखाने ने खेल के क्षेत्र में भी विशेष कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यहां की महिला हाकी टीम की खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। रेडिका के खिलाड़ी कामनवेल्थ खेलों के कोचिंग कैंप के लिए चुने गए थे। यहां काफी अच्छी खेलकूद सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है।

राजीव गांधी ने किया था शिलान्यास
कपूरथला में रेल डिब्बा कारखाना का शिलान्यास 17 अगस्त 1985 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया। इसके दो साल बाद 1987 इस कारखाना से उत्पादन शुरू हो गया था। इस साल यह कारखाना अपनी सिल्वर जुबली मना रहा है।

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