सरकार की रैशनेलाइजेशन नीति के खिलाफ उतरे अध्यापक

Jalandhar Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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जालंधर। राज्य सरकार की शिक्षा विभाग में रैशनेलाइजेशन नीति के विरोध में अध्यापक उतर आए हैं। सोमवार को सांझा अध्यापक मोरचा पंजाब की अगुवाई में अध्यापकों ने जिला शिक्षा अधिकारी नीलम कुमारी के कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके पुतला दहन किया।
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अध्यापकों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही रैशनेलाइजेशन की नीति खारिज नहीं की गई तो विरोध तेज किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। मोरचा के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह संधू ने बताया कि पंजाब सरकार रैशनेलाइजेशन की नीति लागू करने जा रही है, लेकिन यह नीति अध्यापकों के हक में न होकर उन्हें बर्बाद करने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस नीति से अपने चेहतों को खास स्टेशन का फायदा देने जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिर्फ सिफारिशों को सुनकर काम कर रही है जिसे यूनियन किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि सरकार को खाली पदों को भरने के लिए शिक्षा विभाग में नियुक्तियों को खोलना चाहिए, ताकि सभी स्कूलों में अध्यापकों की कमी समाप्त हो सके। प्रदर्शनकारियों में गणेश भगत, रामपाल महे, अशोक मसीह, सुखविंदर मक्कड़, करनैल, सरवण सिंह, अमरजीत सिंह, राजीव भगत, बलजीत कुमार, दविंदर चिट्टी, दीपक, सतपाल और यशपाल सहित अन्य उपस्थित थे।
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