जालंधर में अध्यापकों के तीन हजार पद खाली

Jalandhar Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
जालंधर। राइट टू एजूकेशन को सख्ती से लागू करवाने का दावा करने वाली सरकार दोबारा सत्ता में आने के बाद भी सरकारी स्कूलों में खाली पड़े पदों को भर नहीं पाई है। इस ढीली कार्यप्रणाली के कारण सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक
जालंधर जिले के सरकारी स्कूलों में तीन हजार पद रिक्त पड़े हैं जबकि पूरे पंजाब में 15 हजार अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई नाममात्र हो रही है और विषय विशेष अध्यापकों के बजाय अन्य अध्यापकों से ही काम चलाया जा रहा है। हालांकि स्कूलों में अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने सर्व शिक्षा अभियान व जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों में काम करने वाले सभी अध्यापकों को स्कूलों में वापस बुला लिया था, लेकिन मंत्री मलूका का यह प्रयास भी कोई रंग न ला सका। सरकारी स्कूलों में कमी अब भी जारी है।
आंकड़े के मुताबिक जालंधर में तीन हजार में से 95 फीसदी अध्यापकों की कमी सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही है, जबकि शहरी क्षेत्र में सिर्फ पांच फीसदी सीटें खाली पड़ी हैं। ज्यादातर अध्यापक शहरी क्षेत्रों में ही काम करने के इच्छुक होते हैं इसलिए वे राजनीतिक, सामाजिक और नेताओं का सहारा लेकर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में ही काम करने लग जाते हैं।

जालंधर में खाली पड़े अध्यापकों के पद
जालंधर। अंग्रेजी विषय के 28 लेक्चरर और 20 अध्यापक, पंजाबी विषय के 50 लेक्चरर व 131 अध्यापक, राजनीति शास्त्र के 72 लेक्चरर, राजनीतिक शास्त्र में 72 लेक्चरर, इतिहास के 53 लेक्चरर, हिंदी के 5 लेक्चरर, अर्थ शास्त्र व कामर्स के 34 लेक्चरर, बायोलॉजी के 15 लेक्चरर, केमिस्ट्री के 20 व फिजिक्स के 25 लेक्चरर, सामाजिक शिक्षा के 332 अध्यापक, गणित के 106, साइंस के 247 अध्यापक व होम साइंस के पांच, हिंदी के 78, आर्ट एंड क्राफ्ट के 136 और पीटीआई के 118 अध्यापकों की पोस्टें खाली हैं। इसके अलावा भी कई विषयों के अध्यापकों की खाली पोस्टें पड़ी हुई हैं।

जालंधर में तीन हजार पद खाली हैं। इनमें 95 फीसदी शहरी क्षेत्र में हैं। इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दे दी है।
-नीलम कुमारी, जिला शिक्षा अधिकारी

सभी जिलों से सरकारी स्कूलों में खाली पड़े अध्यापकों की संख्या की जानकारी मांगी गई है। इस जानकारी के मिलने के बाद नई भरती की जाएगी और स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को जल्द ही भर दिया जाएगा।
-सिकंदर सिंह मलूका, शिक्षा मंत्री

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