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चालान काटती रही पुलिस, जल गया चालक

Jalandhar Updated Sat, 30 Jun 2012 12:00 PM IST
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जालंधर। दमोरिया पुल फ्लाईओवर पर भार ढोने वाले टेंपो को अचानक आग लग जाने से चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। फ्लाईओवर के नीचे पंजाब पुलिस के मुलाजिम चालान काटने में व्यस्त थे, लेकिन लोगों के शोर मचाने के बावजूद किसी ने पुल पर चढ़ने की कोशिश तक नहीं की। लोगों ने पुलिस पर जमकर गुस्सा निकाला और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। लोगों की मांग पर गौर करते हुए एडीसीपी आरके शर्मा ने आश्वासन दिया कि कोताही बरतने वाले पुलिस मुलाजिमों को सस्पेंड किया जाएगा। वहीं डीसीपी सर्बजीत सिंह ने बताया कि एसीपी ट्रैफिक जसबीर सिंह से रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके आते ही मुलाजिमों पर कार्रवाई तय है।
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घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे घटी। टेंपो चालक विजय कुमार खाली आटो लेकर दमोरिया पुल से गुजर रहा था कि अचानक आग लग गई। लोगों ने तुरंत शोर मचाया। नीचे ट्रैफिक और इलाके के थाने के मुलाजिम वाहनों के चालान काटने में मस्त थे। एक पीसीआर का मुलाजिम मोटरसाइकिल पर सवार होकर जलते हुए आटो के पास से निकल गया, लेकिन वह भी नहीं रुका। आग से चालक विजय अंदर ही जल गया। भारी संख्या में लोग जमा हो गए और 11.40 बजे कंट्रोल रूम पर इसकी अधिकारिक जानकारी भी जागरूक नागरिक द्वारा दी गई, लेकिन फिर भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जब सब कुछ जलकर खाक हो गया तो थाना तीन की पुलिस मौके पर आई, लेकिन वहां पर आसपास के भारी संख्या में लोग जमा हो चुके थे। पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट उठा और नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच एडीसीपी सिटी-1 आरके शर्मा खुद मौके पर आ गए। उनके आते ही पुलिस मुलाजिम भी हरकत में आए और जले हुए वाहन से विजय के शव को निकालकर एंबुलेंस में डाला। लोगों का हजूम पुल से नीचे उतर आया और आकर जाम लगा दिया। लोगों ने नारेबाजी कर कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश भी की। लोगों की मांग थी कि विजय जिंदा जल रहा था और जो पुलिस वाले चालान काटने में व्यस्त थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
परिजनों को एक लाख मुआवजा
इलाके के नेता दिनेश ढल काली, कांग्रेसी पार्षद पलनी अप्पल स्वामी, पूर्व पार्षद गुरमेल, किशन लाल शर्मा मौके पर आए और लोगों को शांत किया। डीसीपी सर्बजीत सिंह ने भड़की भीड़ को आश्वासन दिया कि चालान काटने वाले मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी सर्बजीत सिंह ने डीसी प्रियांक भारती से बात की और कहा कि विजय के परिवार वालों को एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, जिसको डीसी भारती ने मान लिया है।
कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार
डीसीपी सर्बजीत सिंह और एडीसीपी आरके शर्मा ने बताया कि विजय के परिवार से एक सदस्य को नौकरी लगवाने की कोशिश भी की जाएगी। पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल से करवाया। दोपहर ढाई बजे कड़ी सुरक्षा में विजय का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विजय चीखता रहा कोई बचाने नहीं आया
दमोरिया पुल फ्लाईओवर पर टेंपो में आग लगने से विजय चीखता रहा। वह सीट बेल्ट में जकड़ा हुआ था आजाद नहीं हो पाया था। वह चीखता रहा, लेकिन उसको बचाने के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा। एक राहगीर ने कोेशिश की, लेकिन आग की लपटों से वह भी घबरा गया। विजय खुद मेहनत करके अपने पैरों पर खड़ा हुआ था। पहले वह एक दुकान पर काम करता था, बाद में उसने टेंपो लिया था। कंधों पर तीन बहनों की शादी का बोझ था। बस यही चिंता रहती थी कि बहनों की शादी करनी है। पिता का साया सिर पर से काफी पहले उठ चुका था। विजय की मौत से उसकी पत्नी सोनिया चीख-चीखकर रो रही थी। उसके छह माह के बेटे के सिर पर से पिता का साया उठ गया। अभी उसने ठीक से पापा कहना सीखा भी नहीं था कि उसका जीवन अंधकारमय हो गया।
कैसे हुआ ब्लास्ट, होगी जांच
टेंपो में आग लगने से पहले धमाके की आवाज सुनी गई थी। यह धमाका कैसे हुआ, इसकी जांच की जाएगी। एडीसीपी शर्मा के मुताबिक अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मौके पर लोगों ने बताया कि आग लगने से पहले एक धमाके की आवाज आई थी, ऐसी आशंका है कि बैटरी में ही धमाका हुआ है। पुलिस इसकी तह तक जाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता लेगी।
डीसीपी ने लगाई थानेदारों की क्लास
फ्लाईओवर पर हादसे के बाद डीसीपी सर्बजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मौके पर लोगों में काफी रोष है और वे प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी फोर्स के थानेदारों में कोई कोने में खड़ा होकर मोबाइल सुन रहा है तो कई आपस में हंसकर बातें कर रहा है। डीसीपी काफी समय तक देखते रहे, फिर उन्होंने सबको एक साथ बुलाया और कहा कि वे काफी देर से तमाशा देख रहे हैं। ऐसा व्यवहार बर्दाश्त से बाहर है। इसके बाद थानेदारों के माथे पर पसीना साफ दिखाई दे रहा था।
शरारती तत्वों की भी पड़ी डांट
प्रदर्शनकारियों में कई शरारती तत्वों को भी पुलिस अधिकारियों ने चिह्नित करके खूब डांटा। दमोरिया पुल के पास रहने वाले इंदर नामक व्यक्ति को एडीसीपी ने इशारा कर बुलाया और कहा कि वह माहौल को खराब न करें, वह काफी देर से देख रहे हैं। एडीसीपी शर्मा के तेवर देखकर इंदर सिर नीचे करके एक तरफ चला गया।

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