अफसरों जैसे थे हवलदारों के ठाठ

Jalandhar Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
नवांशहर। जिला पुलिस में हुए दस करोड़ के पीएफ घोटाले के मामले में आरोपी पुलिस कर्मचारियों के ठाठ बड़े-बड़े अफसरों जैसे थे। इन कर्मचारियों के घरों में की गई छापामारी के दौरान पुलिस के सामने ऐसे कई तथ्य आए हैं, जिससे पता चलता था कि इन आरोपी पुलिस कर्मचारियों के घरों के आसपास रहने वाले लोग भी हैरान थे कि यह पुलिस में हवलदार हैं या फिर कोई बड़े अधिकारी। कई कर्मचारियों ने पीएफ का पैसा अय्याशी में उड़ा दिया, तो कई ने अपनी कोठियां खड़ी कर लीं। फिलहाल पुलिस इस मामले में साफ तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है तथा अधिकारियों का कहना है कि रिमांड खत्म होने पर आरोपियों से हुई बरामदगी के बारे में बताया जाएगा।
वर्ष 2005 से लेकर मार्च 2010 तक विभाग के ही आठ कर्मचारियों ने खजाना दफ्तर के कर्मचारी के साथ मिलकर 9 करोड़ 75 लाख का पीएफ घोटाला कर दिया था। सूत्रों के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार आठ पुलिस कर्मचारियों से जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो न सिर्फ उन्होंने ऐसे लोगों के नाम बताने शुरू कर दिए, जिनके खातों में पैसा डलवाया गया, बल्कि कई ने इस पैसे से क्या क्या किया वह भी बता दिया।
सूत्र बताते हैं कि आरोपी पैसा अपने खाते में डलवाने के बजाय और लोगों के खाते में डलवाते थे तथा फिर उन्हें कुछ पैसे देकर उनसे पैसे ले लेते। पुलिस ने सात ऐसे लोगों के खिलाफ मामला पहले ही दर्ज कर रखा है, लेकिन अब ऐसे लोगों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने पांच-सात हजार रुपये जमा होने के मामलों को छोड़कर बाकी सभी को जांच में शामिल करने का मन बना लिया है।
पुलिस पिछले तीन दिन से इन आरोपियों के ठिकानों पर छापामारी भी कर रही है। छापामारी के दौरान जालंधर और होशियारपुर में स्थित आरोपी कर्मचारियों की कोठियां देख कर कर्मचारी भी हैरान रह गए। आरोपियों की कोठियां बड़े बड़े पुलिस अधिकारियों की कोठियों को भी मात देती हैं। इन कोठियों में ऐशो आराम का वे सारा सामान था जो बडे़ अधिकारियों के घरों में रहता है। पुलिस इन पुलिस कर्मचारियों के घरों से कई कागजात भी ले आई है, जबकि कुछ आरोपियों ने अपने पारिवारिक सदस्यों को इधर उधर कर दिया था, उनके घरों में बुधवार को भी छापामारी की गई। बावजूद इसके उन्हें कुछ नहीं हासिल हुआ। एसपी डी धर्मपाल सिंह उप्पल कहते हैं कि आरोपी पुलिस कर्मचारी अभी रिमांड पर हैं तथा उनसे मिली जानकारी के अनुसार पुलिस रिकवरी कर रही है। रिमांड का समय खत्म होने पर रिकवर की गई संपत्ति और नगदी के बारे में जानकारी दी जाएगी।

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