पाक की नजर अब रेल अफसरों पर

Firozpur Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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फिरोजपुर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटिव (पीआईओ) की नजर रेलवे के अधिकारियों पर टिक गई है। वे उनके पास फोन कर सेना की तैनाती और मूवमेंट की जानकारी हासिल करने के लिए एजेंट बनाने में जुटी हुई है। इसकी भनक लगते ही भारतीय खुफिया एजेंसियों में खलबली मच गई है। आईबी ने रेलवे के खुफिया विभाग को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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इसीलिए रेल डिवीजन फिरोजपुर के सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर (आरपीएफ) ने रेल मंडल फिरोजपुर की विभिन्न ब्रांच के अधिकारियों को एक आदेश जारी करते हुए ऐसी कालें आने पर सावधानी बरतने को कहा है। पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटिव (पीआईओ) के सदस्य रेल अधिकारियों को काल कर भारतीय सेना की मूवमेंट संबंधी जानकारी जानना चाहते हैं, क्योंकि स्पैशल रेलगाड़ियों के जरिए सेना इधर-उधर जाती है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार सेना के लिए रेलवे ही एक ऐसा साधन है जिसके जरिए वह अपने साजोसामान आसानी से देश के किसी भी क ोने तक ले जाती है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी जानती है कि स्पेशल रेलगाड़ियों से सेना की तोपें, गोला बारूद व अन्य सामान भेजा जाता है। बताते हैं कि आईएसआई ने भारतीय मोबाइल कंपनियों की डायरेक्ट्री हासिल कर ली है। उसके सहारे वह रेलवे के सीनियर व जूनियर अधिकारियों के मोबाइल फोन पर काल कर सेना की तैनाती व मूवमेंट की जानकारी हासिल करने के लिए लालच दे रही है।
बताते हैं कि रेलवे के कई अधिकारियों ने अपने सीनियर अधिकारियों व मोबाइल कंपनियों को ऐसी फोन काल्स मिलने की शिकायत की है। जानकार बताते हैं कि इस पर जब भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तहकीकात की तो पता चला कि पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटिव (पीआईओ) के सदस्य काल कर रहे हैं। ये लालच, धमकी व और कई हथकंडे अपना रहे हैं। रेलवे के खुफिया विभाग ने विभिन्न ब्रांच के अधिकारियों व कर्मचारियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
रेलवे के कंट्रोल रूम से हो चुकी है जानकारी लीक
रेलवे के सूत्र बताते हैं कि रेलवे के कंट्रोल रूम से कुछ साल पहले सेना की मूवमेंट की जानकारी किसी तरह लीक हो गई थी, जिससे सारा कार्यक्रम बदलना पड़ा था। इसीलिए कई खुफिया एजेंसियों की पैनी नजरें कंट्रोल रूम में कार्यरत अधिकारियों व कंट्रोलरों पर भी है। क्योंकि इसी विभाग में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रत्येक ट्रेनों व सेना की स्पेशल रेलगाड़ियों की जानकारी होती है।
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