पंजाब अग्रवाल सभा की प्रधानी पर जंग

Bathinda Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
बठिंडा। पंजाब अग्रवाल सभा के प्रधान पद को लेकर सीपीएस सरूप चंद सिंगला व पूर्व मंत्री चिरंजी लाल गर्ग के बीच विवाद छिड़ गया है। दोनों खुद को पंजाब अग्रवाल का सभा का प्रधान कह रहे हैं। दोनों के पास ही प्रधान पद का नियुक्ति पत्र है।
सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व मंत्री चिरंजी लाल गर्ग ने अग्रोहा विकास ट्रस्ट की ओर से जारी पत्र दिखाते हुए कहा कि अग्रोहा विकास ट्रस्ट बोर्ड के प्रधान नंद किशोर गोयनका ने उन्हें 22 सितंबर 2012 को पत्र भेजकर कहा है कि पिछले दिनों मुझसे गलत निर्णय हो गया है कि सीपीएस सरूप चंद सिंगला को अग्रोहा विकास ट्रस्ट की तरफ से पंजाब प्रदेश अग्रवाल सभा का प्रधान नियुक्ति किया गया था। यह नियमानुसार ठीक नहीं था। क्योंकि हमारे संविधान में राजनैतिक व्यक्ति को अग्रोहा विकास ट्रस्ट का कोई पद नहीं दिया जा सकता। मेरी उम्र भी 82 साल हो गई है, इस वजह से भूल हो जाती है। सो आपसे प्रार्थना कर रहा हूं कि मेरी भूल के लिए मुझे क्षमा करें। सिंगला को दिया नियुक्ति पत्र रद किया जाता है।
गर्ग ने कहा कि मुख्य संसदीय सचिव सरूप चंद सिंगला ने प्रेस कांफ्रेंस कर अग्रोहा धाम द्वारा एक पत्र पेश कर ऐलान किया कि अग्रोहा धाम के प्रमुख नंद किशोर गोयनका ने उन्हें अग्रवाल सभा पंजाब का प्रधान नियुक्त किया है और पूर्व प्रधान चिरंजी लाल गर्ग को प्रधान पद से हटा दिया गया है। यह खुलासा होते ही पंजाब की अग्रवाल सभाओं में रोष फैल गया। समाजसेवियों ने गोयनका से कहा कि यह संदेश जारी करना नियमों के खिलाफ है।
गर्ग ने कहा कि पंजाब में 150 अग्रवाल सभाएं हैं। सिंगला के इस प्रोग्राम में सिर्फ आठ सभाएं ही पहुंची हैं। लोगों के रोष को देखते हुए गोयनका ने सरूप सिंगला को दिए पत्र को 22 सितंबर को रद कर दिया और चिरंजी लाल गर्ग के नाम पर एक पत्र जारी करते हुए कहा कि सिंगला को यह पत्र नियमों के खिलाफ जारी हुआ है। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि इस पत्र को वह तुरंत रद करते हैं।
उन्होंने कहा कि अग्रवाल सभा एक डेमोक्रेटिक संस्था है, नियमों के अनुसार पहले अग्रवाल सभा के मेंबर बनते हैं और उसके बाद चुनाव में हिस्सा लेकर सभा के पदाधिकारी बनते हैं। सभा द्वारा एक सदस्य सूबे में जाता है और सूबे की सारी सभाओं के भेजे हुए सदस्य पंजाब के प्रधान का चुनाव करते हैं। नियमों के अनुसार अग्रोहा धाम द्वारा प्रधान की नियुक्ति का कोई नियम नहीं है।
सीपीएस सिंगला के नाम यह पत्र 21 अगस्त को जारी हुआ था जिसे एक महीने बाद लोगों के सामने लाया गया। इस दौरान सिंगला ने सभाओं के पदाधिकारियों पर बहुत जोर डाला, मगर फिर भी 21 सितंबर को बैठक में सिर्फ 8 सभाएं आने का जिक्र है जबकि 18 सभाओं के पदाधिकारियों के साथ बात करने पर 4 सभाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि वह बैठक में नहीं पहुंचे। उनका नाम गलत छापा गया है। उन्होंने अग्रोहा धाम से सिंगला के हक में जारी पत्र की कड़ी निंदा की। इस पत्र के रद होने के बाद भी सिंगला द्वारा विभिन्न लोगों द्वारा अपने हक में बधाई के होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंगला सभा के आर्थिक सदस्य भी नहीं हैं।
संसदीय सचिव सरूप चंद सिंगला ने अमर उजाला से बातचीत में भी प्रधान पद का दावा जताया है। उनका कहना है कि उनके साथ राज्य की 100 संस्थाएं हैं। इसी के तहत उन्हें प्रधान पद का नियुक्ति पत्र दिया गया है। अगर गर्ग को खुद को प्रधान होने का दावा करते हैं तो साबित करें कि उनके साथ 100 से अधिक संस्थाएं जुड़ी हैं। सिंगला ने बताया कि सात अक्तूबर 2012 को बठिंडा के क्वीन्ज लैंड में राज्य स्तर का अग्रवाल सभा का सम्मलेन भी कराया जा रहा है जिसमें राज्य भर की अग्रवाल सभाएं शिरकत करेंगी।

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