गांधी चुने तख्त पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड के अध्यक्ष

Amritsar Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
अमृतसर। आरएस गांधी को सर्वसम्मति से तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड का अध्यक्ष चुन लिया गया है। रविवार को हुए चुनाव में टाटा नगर से कमेटी के सदस्य एस. छाबड़ा को बोर्ड का महासचिव चुना गया है। तख्त पटना साहिब के प्रबंधकीय बोर्ड के 15 सदस्य हैं।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ भी रविवार को पटना साहिब में ही थे लेकिन उन्होंने चुनावी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले भी मक्कड़ 17 जून को पटना साहिब गए थे परंतु बैठक में हिस्सा नहीं लिया और न ही किसी की स्पोर्ट में वोटिंग की थी।
उल्लेखनीय है कि मक्कड़ तख्त पटना साहिब बोर्ड के एसजीपीसी की ओर से नामिनेटिड सदस्य हैं। बैठक में हिस्सा लेने वाले एक सदस्य ने बताया कि इस कमेटी में अकाली दल बादल के साथ संबंधित चार सदस्य हैं, जो बैठक से वाक आउट कर गए। इस दौरान कमेटी के हाजिर दस सदस्यों ने सर्वसम्मति के साथ आरएस गांधी को तख्त श्री पटना साहिब के बोर्ड का अध्यक्ष चुन लिया।
चीफ खालसा दीवान की ओर से भी इस कमेटी में एक प्रतिनिधि है। कुछ दिन पहले एक अन्य सदस्य की नोमिनेशन के लिए हुए चुनावों में चीफ खालसा दीवान के प्रतिनिधि जसपाल सिंह ने अकाली दल बादल के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान न करके दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उम्मीदवार हरविंदर सिंह सरना के पक्ष में मतदान कर दिया था। इससे खफा होकर चीफ खालसा दीवान ने जसपाल सिंह की बोर्ड से सदस्यता वापस लेते हुए उनकी जगह पर भूपिंदर सिंह नंदा को सदस्य बनाने के लिए पत्र भेजा था परंतु प्रबंधकीय बोर्ड ने चीफ खालसा दीवान के भूपिंदर सिंह नंदा को सदस्य लेने वाली अपील को रद्द करते हुए जसपाल सिंह को सदस्य बने रहने और जसपाल सिंह को वोट डालने का अधिकार दे दिया।
उधर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सूत्रों ने बताया कि अकाली दल बादल ग्रुप के प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने एक दिन पहले ही दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना के साथ बातचीत करके हरविंदर सिंह सरना का नाम अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव में लाने का वादा किया था। परंतु जब बैठक का आयोजन हुआ तो आरएस गांधी के नाम को पेश करके गांधी को जिताने की वकालत की। इस पर सरना ग्रुप असहमत हो गया जिस को मुख्य रख बादल दल ने भी तख्त पटना साहिब के चुनावों से दूर रहने का फैसले ले लिया। परंतु बाद में वहां मौजूद दस सदस्यों ने सर्व सम्मति से गांधी को बोर्ड का अध्यक्ष चुन लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us