राजोआना को सम्मानित करने पर विवाद

Amritsar Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
अमृतसर। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में फांसी की सजा का इंतजार कर रहे बलवंत सिंह राजोआना को सम्मानित किए जाने पर विवाद पैदा हो गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व सेहत मंत्री लक्ष्मीकांता चावला और नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन ने राजोआना को सम्मानित किए जाने की निंदा की है। उधर, डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा है कि उन्हें राजोआना को सम्मानित किए जाने की जानकारी नहीं है। एसपीजीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने आपरेशन ब्लू स्टार की यादगार का विरोध करने
आपरेशन ब्लू स्टार की याद में बुधवार को एसजीपीसी की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब पर श्री अखंड पाठ साहिब का भोग डाला गया। श्री हरमंदिर साहिब परसिर में आयोजित कार्यक्रम में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने राजोआना को जिंदा शहीद की उपाधि से सम्मानित किया। राजोआना की बहन कमलदीप कौर को एक तश्तरी, कृपाण, लोई और सिरोपा प्रदान किया गया। यह सम्मान ज्ञानी गुरबचन सिंह के साथ दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलवंत सिंह नंदगढ़, तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी त्रिलोचन सिंह, पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह और ज्ञानी मल सिंह की ओर से दिया गया।
राजोआना का सम्मान गलत : कैप्टन
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जालंधर में कहा कि राजोआना को सम्मानित करना सरासर गलत है। वह पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्या में शामिल रहा है। उन्होंने राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में तबदील करने की मांग की थी न कि सम्मानित करने की। कैप्टन ने कहा कि स्वर्ण मंदिर में आपरेशन ब्लू स्टार की यादगार बनाना गलत है। कांग्रेस इसे विधानसभा में उठाएगी। उन्होंने कहा कि राजोआना को सम्मानित करने से लोगों की भावनाएं भड़केंगी और हालात खराब हो सकते हैं। समय की जरूरत है कि पंजाब में अमन शांति बरकरार रहे और सूबा विकास की पटरी पर भागे। कैप्टन ने कहा कि आपरेशन ब्लू स्टार इतिहास का हिस्सा बन चुका है, जिसे अब उठाना गलत है।

कातिल शहीद नहीं हो सकतेे : प्रो. चावला
पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांता चालवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के कातिल को जिंदा शहीद का दर्जा देना बहुत निंदनीय है। पंजाब की जनता में यह गलत संदेश दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि एसजीपीसी के प्रधान और जत्थेदार यह बताएं कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, ऊधम सिंह शहीद नहीं हैं। क्या वे लोग शहीद हैं जिन्होंने 18 लोगों समेत पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या की और देश की सर्वोच्च अदालत ने भी जिन्हें फांसी की सजा दी है। ऐसा लगता है कि ये लोग आतंकवाद के समर्थक हैं और उनका यह काम पंजाब में आतंकवादियों को बढ़ावा देगा। चावला ने कहा कि सभी धर्म, संप्रदाय और समाज के लोगों को इसकी निंदा करनी चाहिए और एसजीपीसी को शहीद की परिभाषा बतानी चाहिए।

शहीद का खिताब गलत फैसला : एनएसएफ
क्रांतिकारी सिख संगठन नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी कमेटी ने बेकसूर लोगों की हत्या में दोषी राजोआना को सम्मानित किए जाने को जन विरोधी बताया है। एनएसएफ के राज्य सचिव जतिन मोहन सेठ ने कहा कि राजोआना सिर्फ एक हत्यारा है। कानून के अनुसार अदालत ने उसे सजा सुनाई है लेकिन एसजीपीसी और कुछ सिख संगठनों के नेता सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने व पंजाब के हालात को दोबारा खराब करने के लिए ही राजोआना को सम्मानित कराया है।

कैप्टन का विरोध ठीक नहीं : मक्कड़
एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से आपरेशन ब्लू स्टार की यादगार का विरोध करना किसी भी तरह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन को विरोध ही करना था तो उन्होंने वर्ष 1984 में इस्तीफा क्यों दिया था। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद अपनी सिख मानसिकता को ही बदल दिया है। यादगार बनाने की सेवा सिख कौम की भावनाओं के अनुसार ही दमदमी टकसाल को सौंपी गई है।

सुखबीर ने कहा, पता नहीं
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने जालंधर में कहा कि बेअंत सिंह के हत्या के दोषी राजोआना को सम्मानित करने के मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। आपरेशन ब्लू स्टार की यादगार के मुद्दे को सुखबीर ने यह कहकर ठंडा करने की कोशिश की कि उनका मुद्दा विकास है। कांग्रेस उनको विवादित मुद्दे में खींचकर ध्यान बांटना चाहती है। आपरेशन ब्लू यादगार के समर्थन में बयान देने वाले सुखबीर बादल ने बुधवार को इस पर चुप्पी साधकर उलटे कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने पिछले पांच साल में भी उनको कई विवादित बयानों के जरिए गंदी राजनीति में घसीटने की कोशिश की, लेकिन वे विकास की बात कर जनता के बीच जाते रहे।

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