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अमरनाथ से लौटे यात्रियों की आपबीती: हर ओर था मौत का मंजर, जान बचाने के लिए पूरी रात चले पैदल, कई समा गए सैलाब में

अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 09 Jul 2022 09:27 PM IST
amarnath cave cloud burst
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बाबा बर्फानी के दर्शन कर गुफा से बाहर निकले ही थे कि बादल फट गए। इससे पहले कि कुछ समझ पाते पहाड़ों पर भूस्खलन शुरू हो गया। इसके साथ ही वहां अफरातफरी मच गई। कई लोगों को मैंने अपनी आंखों से नदी के उफान में समाते देखा। हर ओर मौत नजर आ रही थी। ये कहना है बड़ागांव गेट बाहर मद्रासी कॉलोनी निवासी आशीष गुप्ता का, जो अपने परिवार के सात अन्य सदस्यों के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए थे।

आशीष परिवार के सदस्यों के साथ दो जुलाई को झांसी से अमरनाथ के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार को उन्हें बाबा अमरनाथ के दर्शन करने का अवसर मिला। सभी खुशी-खुशी दर्शन कर गुफा से बाहर आए, लेकिन अचानक बादल फट गए और इसके साथ ही भूस्खलन शुरू हो गया। नीचे नदी उफान पर थी, जबकि ऊपर से पहाड़ों की मिट्टी पानी के साथ सरक कर नीचे आ रही थी। आशीष ने बताया कि इससे वहां हर ओर चीखपुकार मच गई थी। हम सभी आठों सदस्य एक दूसरे से अलग हो गए थे। किसी को नहीं पता था कि कौन कहां है।
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आशीष ने बताया कि हालात ये रहे कि बचने के लिए जगह भी नहीं मिल रही थी। हर ओर पानी और कीचड़ नजर आ रहा था। पूरी रात अंधेरे में गीले कपड़े पहने पैदल चलते रहे। साथ में ले जाया गया सामान बैग आदि भी वहीं छूट गया। बचाव कार्य में वहां लगीं रेस्क्यू टीम के सदस्य लोगों को रास्ता बता रहे थे। जरूरत पड़ने पर वे हाथ पकड़कर आगे भी बढ़ा रहे थे। सुबह पंचतरणी पहुंचे और इसके बाद तकरीबन बीस किमी. पैदल चलकर बालटाल पहुंचे।
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हालांकि, राहत यह रही कि यहां सभी सदस्य आपस में एकदूसरे से मिल गए। उन्होंने बताया कि जिस ट्रेन में रिजर्वेशन था, वो छूट चुकी है। झांसी वापस आने का कोई दूसरा बंदोबस्त कर रहे हैं।
बादल फटने के बाद यात्रियों को बाहर निकालते बचाव कर्मी
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जान बचाने के लिए यहां-वहां भाग रहे थे लोग 
झांसी के डॉ. विजय भारद्वाज ने अपने साथी डॉ. अभिषेक नगाइच, सौरभ तिवारी, आशु तिवारी, नीरज त्रिपाठी, डॉ. चंदन सिंह व रौनक तिवारी के साथ शुक्रवार को बाबा अमरनाथ के दर्शन किए थे। इसके तकरीबन पौने घंटे बाद दैवी आपदा आ गई। डॉ. विजय भारद्वाज ने बताया कि वहां मौजूद लोग जान बचाने के लिए यहां-वहां भाग रहे थे। कोई अपने परिवार को खोजता फिर रहा था तो कोई वहां मौजूद रेस्क्यू टीम के सदस्यों से मदद की गुहार लगा रहा था। तमाम लोगों का सामान पानी में बह गया था। सभी की आंखों के सामने मौत का मंजर मंडरा रहा था। आपदा की वजह से वहां बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है।
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अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल में फंसे श्रद्धालु
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जम्मू में रोका, आगे नहीं बढ़ने दिया 
झांसी। बड़ाबाजार निवासी विजय अग्रवाल, प्रेमचंद्र अग्रवाल, आशीष गुप्ता, संजीव गुप्ता व संजय गुप्ता अपने-अपने परिवारों के अठारह सदस्यों के साथ अमरनाथ के लिए यहां से सात जुलाई को रवाना हुए थे। बृहस्पतिवार को वे सभी जम्मू पहुंच गए थे। शुक्रवार को उन्हें बाबा अमरनाथ के दर्शन करने थे। लेकिन, इसी बीच वहां हादसा हो गया, जिससे उन सभी को जम्मू में ही रोक लिया गया। अमरनाथ की ओर आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम बदल दिया। अब वे वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए हैं।
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