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World Tourism Day 2022: ये हैं दुनिया के सात अजूबे, देखने के लिए इन देशों की करनी होगी सैर

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 27 Sep 2022 06:12 PM IST
दुनिया के सात अजूबे
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World Tourism Day 2022: हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 1980 में संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने की थी। हालांकि 27 सितंबर को ही पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने की वजह थी कि 10 साल पहले 1970 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन का कानून इसी दिन स्वीकार किया गया था। दुनिया में कई पर्यटन स्थल, इमारतें और विश्व धरोहरें आदि हैं, जो अपनी ऐतिहासिकता, खूबसूरती और संस्कृति का प्रसार कर रहे हैं। इसी तरह दुनिया के अलग अलग देशों में स्थित सात अजूबे विश्व प्रसिद्ध है। दुनिया के सात अजूबों में भारत का ताजमहल भी शामिल है। इस बात पर भारतीय गौरव महसूस करते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि अन्य 6 अजूबे किन देशों में स्थित हैं? विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर जानिए दुनिया के सात अजूबों के बारे में, जो भारत से लेकर चीन तक में हैं स्थित। इन सात अजूबों से जुड़ी रोचक बातें, इन्हें बनाती हैं खास। जानिए दुनिया के सात अजूबों के नाम और देश, जहां देखने जा सकते हैं आप।
ताजमहल, भारत
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ताजमहल, भारत

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में दुनिया के सात अजूबों में से एक स्थित है। आगरा शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित ताजमहल को अजूबा घोषित किया गया है। मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण सफेद संगमरमर के पत्थर से कराया था। प्रेम के प्रतीक ताजमहल का निर्माण 20000 कारीगरों ने किया था। कहा जाता है कि ऐसी संरचना दोबारा नहीं बनाई जा सके इसलिए कारीगरों के हाथ कटवा दिए गए थे।
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ग्रेट वॉल ऑफ चाइना
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ग्रेट वॉल ऑफ चाइना

चीन का ग्रेट वॉल ऑफ चाइना सात अजूबों में शामिल हैं। चीन के पहले शासक किन शी हुआंग ने इसका निर्माण कराया था। इतिहास के मुताबिक, करीब 20 साल में 21,196 किलोमीटर लंबी विशाल दीवार का निर्माण हुआ। इस दीवार के निर्माण का कारण हुआंग ने अपने साम्राज्य की रक्षा के लिए करवाया था। ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को पृथ्वी पर सबसे लंबा कब्रिस्तान भी कहा जाता है। कहा जाता है कि इसे बनाने के लिए 10 लाख से ज्यादा लोग मारे गए।
क्राइस्ट द रिडीमर, ब्राजील
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क्राइस्ट द रिडीमर, ब्राजील

ब्राजील में 125 फीट लंबी क्राइस्ट द रिडीमर स्थित है, जिसे हेटर दा सिल्वा कोस्टा ने डिजाइन किया था। हालांकि इसका निर्माण ब्राजील नहीं, बल्कि फ्रांस में किया गया था। एक पहाड़ की चोटी पर स्थित इस मूर्ति पर बिजली के गिरने का खतरा रहता है। कहा जाता है कि साल में तीन-चार बार बिजली इस मूर्ति से टकरा जाती है।
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चिचेन इट्जा, मेक्सिको
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चिचेन इट्जा, मेक्सिको

मेक्सिको में माया सभ्यता से जुड़ा एक और ऐतिहासिक अजूबा है, जिसका नाम चिचेन इट्जा है। मेक्सिको के इस सबसे संरक्षित पुरातात्विक स्थल का इतिहास 1200 साल से भी अधिक पुराना है। कहा जाता है कि 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच पूर्व-कोलंबियाई माया सभ्यता के लोगों ने चिचेन इट्जा का निर्माण कराया ता। यहां कई पिरामिड, मंदिर, खेल के मैदान और कॉलम बनाए गए हैं। चिचेन इट्जा की खास बात है कि यहां असामान्य आवाजें सुनाई देती हैं।
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