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विशेषज्ञों की सलाह: स्वस्थ शरीर चाहते हैं तो नींद की गुणवत्ता पर दें ध्यान, '10-3-2-1-0 नियम इसके लिए है कारगर

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 02 Oct 2022 06:16 PM IST
नींद की गुणवत्ता को कैसे ठीक रखा जा सकता है?
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शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रात की अच्छी नींद के बेहतर तरीकों पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। नींद की गुणवत्ता के सेहत पर असर को लेकर किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों की रात की नींद एक दिन भी ठीक से पूरी नहीं होती है, उनमें इसके कारण कई प्रकार के स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा हो सकता है। हृदय रोगों से लेकर डायबिटीज तक के खतरे को बढ़ाने वाले कारकों में नींद की गुणवत्ता में कमी को भी प्रमुख पाया गया है।

डॉक्टर्स कहते हैं, अध्ययन में पाया गया है कि एक रात भी नींद की गुणवत्ता में आई कमी का स्वास्थ्य पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं लाइफस्टाइल में बदलाव, आहार की पौष्टिकता और कुछ सामान्य सी आदतों में सुधार के माध्यम से नींद की गुणवत्ता को ठीक किया जा सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जेस एंड्रेड ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर '10-3-2-1-0 नियम के बारे में भी लोगों को बताया है जिसको अपनाकर नींद की ठीक करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं क्या है यह नियम और बेहतर नींद प्राप्त करने के लिए किन बातों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है?
नींद की गुणवत्ता को कैसे सुधार सकते हैं?
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क्या है  '10-3-2-1-0 नियम?

नींद की गुणवत्ता को ठीक रखने के लिए अध्ययन में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जेस एंड्रेड ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर '10-3-2-1-0 नियम के बारे में बताया है जिसका पालन करके लाभ पाया जा सकता है। 
  • सोने से 10 घंटे पहले: कैफीन का सेवन सीमित करें।
  • सोने से तीन घंटे पहले: ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें जिन्हें पेट की गड़बड़ी का कारण माना जाता है। 
  • सोने से दो घंटे पहले: ऑफिस का काम खत्म कर लें, परिवार के साथ समय बिताएं।
  • सोने से एक घंटा पहले: किसी भी प्रकार के स्क्रीन से दूरी बना लें। 
  • सोते समय- अच्छी नींद के लिए उपयुक्त माहौल बनाएं, कमरे में अंधेरा और शांत रखें। गहरी नींद लेने का प्रयास करें।
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फोन की नीली रोशनी नींद को कर सकती है बाधित
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नीली रोशनी के संपर्क में कम रहें

अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि शाम के समय में हमेशा हल्की रोशनी रखनी चाहिए। रात के समय तेज प्रकाश के संपर्क में रहने से विपरीत प्रभाव पड़ता है। यह आपके सर्कैडियन रिदम को खराब कर सकता है जिसके कारण सोने-जागने के समय पर नकारात्मक असर देखा जा सकता है। यह मेलाटोनिन जैसे हार्मोन को भी कम करता है, जो आपको आराम करने और गहरी नींद लेने में मदद करती है।
नींद की गुणवत्ता को कैसे ठीक रखें?
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अच्छी नींद के लिए बेडरूम का माहौल रखें ठीक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बेडरूम का वातावरण और उसका सेटअप ठीक रखना रात को अच्छी नींद पाने में आपके लिए सहायक हो सकता है। बेडरूम को साफ रखें, शोर, बाहरी रोशनी से मुक्त रखना आपको नींद की गुणवत्ता को सुधारने में मदद कर सकता है। कई अध्ययन बताते हैं कि बाहरी शोर अक्सर खराब नींद का कारण बनते है जिसका असर दीर्घकालिक रूप से शरीर को प्रभावित कर सकता है।
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सभी के लिए जरूरी है अच्छी नींद
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अच्छी नींद सभी के लिए आवश्यक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को अच्छी नींद प्राप्त करने के उपायों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। कुछ अध्ययन इस बात की तरफ भी इशारा करते हैं कि खराब नींद की गुणवत्ता हृदय की सेहत को प्रभावित कर सकती है, इसके अलावा इसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी नकारात्मक तौर पर देखा जाता रहा है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी नींद की गुणवत्ता में कमी को एक कारक के तौर पर देखा जाता है। इन सभी विकारों से बचे रहने के लिए सभी लोगों को अच्छी नींद प्राप्त करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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