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सिर उठाता कोरोना: यूके के बाद भारत में भी सामने आए AY.4.2 वैरिएंट के मामले, क्या फिर से बिगड़ जाएंगे हालात?

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Mon, 25 Oct 2021 06:12 PM IST
कोरोना का नया वैरिएंट
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दुनियाभर में फिलहाल कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी देखी जा रही है। कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज करते हुए भारत ने 100 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण कर दिया है। इतने लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिल चुकी है। हालांकि अब भी 30 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण होना शेष है। इस बीच  रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कुछ देशों में कोरोना वायरस के एक नए और अपेक्षा अधिक संक्रामक वैरिएंट की पहचान हुई है, जिसने चिंता बढ़ा दी है।  AY.4.2 नामक कोरोना के इस नए वैरिएंट की सबसे पहले ब्रिटेन में पहचान की गई थी, अब भारत में भी इसके संक्रमण की रिपोर्ट सामने आ रही है, हालांकि अभी इससे संक्रमितों की संख्या काफी कम बताई जा रही है।

कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कोरोना का यह नया वैरिएंट (AY.4.2) काफी संक्रामक और घातक हो सकता है। भारत सहित यूके, यूएस, रूस और इज़राइल सहित 33 देशों में इस वैरिएंट का पता चला है। आइए आगे की स्लाइडों में कोरोना के इस नए वैरिएंट के बारे में जानते हैं।
कोरोना का नया वैरिएंट AY.4.2 (सांकेतिक)
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भारत में भी सामने आए नए वैरिएंट्स के मामले
कोरोना के इस नए वैरिएंट की संक्रामकता को देखते हुए भारत में चिंता बढ़ गई है। हालांकि सीएसआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के निदेशक डॉ अनुराग अग्रवाल बताते हैं, भारत में AY.4.2 वैरिएंट के मामले जरूर सामने आए हैं, हालांकि इसके केस फिलहाल 0.1 फीसदी से भी कम हैं। कुछ रिपोर्टस में इस नए वैरिएंट को अधिक संक्रामक बताया जा रहा है, इसलिए इससे विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।

उल्लेखनीय है कि कई देशों में कोरोना के इस नए वैरिएंट के बारे में पता चलने के बावजूद इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अभी तक 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' या 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है।
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कोरोना वायरस का नया रूप (सांकेतिक)
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बेहद संक्रामक माना जा रहा है नया वैरिएंट
कोरोना के इस नए वैरिएंट AY.4.2 के बारे में जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं, हालांकि इसके संक्रमण को देखते हुए यूनाइटेड किंगडम में इसे 'वैरिएंट ऑफ इंवेस्टिगेशन' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। पिछले हफ्ते यूके की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया था कि यह वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट की ही एक रूप है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टस के अनुसार वैज्ञानिक, कोरोना के इस नए रूप से बेहद खतरनाक मान रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नया स्ट्रेन, मूल डेल्टा वैरिएंट की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक संक्रामक हो सकता है।
कोरोना ने बढ़ाई मुश्किल (सांकेतिक तस्वीर)
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मानव कोशिकाओं में आसानी से कर सकता है प्रवेश
अब तक के अध्ययनों के आधार पर वैज्ञानिक बताते हैं कि कोरोना के इस नए वैरिएंट AY.4.2 में कुछ ऐसे म्यूटेशन हैं जो इसे अधिक संक्रामक बनाते हैं। डेल्टा वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में A222V और Y145H म्यूटेशन ने इस नए वैरिएंट को जन्म दिया है, जो इसे मानव कोशिकाओं में अधिक आसानी से प्रवेश करने में सक्षम बनाती है। क्या यह वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में सक्षम है, इस बारे में जानने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।
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कोरोना का खतरा
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भारत में कैसे हैं कोरोना के हालात?
भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां कोरोना के नए वैरिएंट AY.4.2 के कुछ मामले जरूर सामने आए हैं लेकिन स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। 24 अक्टूबर को देश में कोरोना के 14306 नए मामलों की पहचान की गई है। भारत ने कोरोना से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए अब तक 100 करोड़ से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना को दोबारा से बढ़ने से रोकने के लिए सभी लोगों से त्योहारों के मौसम में पूर्ण सावधानी बरतने की अपील की है। 



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नोट: यह लेख कई मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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