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Vice President Election: क्या भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे उपराष्ट्रपति? तीन बिंदुओं में जानें पूरा गणित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 10 Jul 2022 10:39 AM IST
उपराष्ट्रपति चुनाव
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राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल जारी है। 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होना है। इसके लिए भाजपा की अगुआई वाली एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और कांग्रेस की अगुआई वाली विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा जोरशोर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। 

इसके बाद यानी छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए भी चुनाव होना है। इसमें नामांकन की आखिरी तिथि 19 जुलाई है। मतलब नामांकन के लिए अब केवल 10 दिन बचे हैं।  समीकरण की बात करें तो दोनों चुनाव में स्थितियां बिल्कुल अलग हैं। राष्ट्रपति चुनाव में जहां भाजपा को सहयोगी दलों के साथ-साथ विपक्ष के कुछ दलों की भी जरूरत है, वहीं उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा अकेले ही सब पर भारी पड़ने की स्थिति में है।

ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष उपराष्ट्रपति का कोई उम्मीदवार ही न खड़ा करे। मतलब भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जा सकते हैं। आइए आंकड़ों से समझते हैं...
 
उपराष्ट्रपति चुनाव की अहम तारीखेंं।
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पहले चुनाव के बारे में जान लीजिए

1. संसद के दोनों सदनों के सदस्य वोट डालते हैं: उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल यानी इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से होता है।  संसद के दोनों सदनों के सदस्य इसमें हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचित सांसदों के साथ-साथ विधायक भी मतदान करते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद ही वोट डाल सकते हैं। 

2. मनोनीत सांसद भी डाल सकते हैं वोट: राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद वोट नहीं डाल सकते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसा नहीं है। उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसे सदस्य भी वोट कर सकते हैं। राज्यसभा में 12 मनोनीत सदस्य होते हैं। अभी इनमें से तीन खाली हैं। हालांकि, उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले इन तीन सीटों को भरा जा सकता है।   
 
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उपराष्ट्रपति चुनाव।
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अब आंकड़ो से जानिए कितने सदस्य वोट डालेंगे? 
अभी लोकसभा में सदस्यों की संख्या पूरी है। मतलब पूरे 543 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें 12 नामित सांसद रहते हैं। मौजूदा समय में आठ सीटें खाली हैं। इनमें चार जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग होने के कारण जबकि एक सीट त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बने माणिक साहा ने छोड़ी है। तीन अन्य नामित सदस्यों की सीट भी खाली है। सरकार उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले नामित सदस्यों के लिए खाली सीटें भर सकती है।  

इस लिहाज से उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा वोटर्स के आंकड़े सामने आते हैं। पहला ये कि मौजूदा स्थिति में चुनाव में 237 राज्यसभा सांसद वोट करेंगे। दूसरा यह कि 240 सदस्य वोट कर सकते हैं। 240 सदस्य तब वोट करेंगे जब नामित सदस्यों के तीन खाली पदों को भर दिया जाए। 



अब ओवरऑल वोटर्स के आंकड़ों पर नजर डालते हैं। अगर राज्यसभा के 240 सदस्य वोट डालते हैं तो ओवरऑल वोटर्स की संख्या 783 हो जाएगी, लेकिन अगर राज्यसभा के 237 वोटर्स होंगे तो ये आंकड़ा घटकर 780 हो जाएगा। 
 
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