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Gujarat Election Result: गुजरात ने AAP को दिलाई बड़ी पहचान, जानें कैसे चुनाव हारकर भी सफल हो गए केजरीवाल?

इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Fri, 09 Dec 2022 12:08 PM IST
अरविंद केजरीवाल
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गुजरात चुनाव ने भी आम आदमी पार्टी को बड़ी खुशखबरी दी है। सूबे में सरकार बनाने का सपना भले ही पूरा नहीं हुआ, लेकिन आप ने ऐसा कमाल कर दिया की अब हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है। मतलब चुनाव हारकर भी अरविंद केजरीवाल को बड़ी सफलता मिली है।  

आइए जानते हैं कि केवल पांच सीटों पर जीत मिलने के बाद भी यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है? इसके मायने क्या हैं? 
 
अरविंद केजरीवाल
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क्या कहते हैं समीकरण?
दरअसल दिल्ली और पंजाब में बड़ी जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बनने की ओर तेजी से बढ़ चुकी है। पिछले कई राज्यों के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इसके लिए कोशिश भी की। हालांकि, तब फायदा नहीं मिल पाया था। अब गुजरात में पांच सीटें आदमी पार्टी ने जीत ली हैं और करीब 15 फीसदी वोट मिले हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी को 'राष्ट्रीय राजनीतिक दल' का दर्जा मिल जाएगा। 
 
वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह कहते हैं, 'राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा पाने के लिए कुछ शर्ते होती हैं। इन शर्तों को पूरा करने पर कोई भी पार्टी राष्ट्रीय हो सकती है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के बाद पंजाब में काफी शानदार प्रदर्शन किया है। अब गुजरात में भी आप को छह सीटें मिल गईं। ऐसे में आप ने उन शर्तों को पूरा कर लिया है।'
 
उन्होंने बताया, 'मौजूदा वक्त में दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। गोवा विधानसभा चुनाव में भी कुल वोट का 6.8 फीसदी हिस्सा आम आदमी पार्टी को मिला था। यहां आप के दो प्रत्याशियों की जीत हुई थी। अगस्त महीने में ही चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक आप गोवा में भी एक मान्यता प्राप्त पार्टी बन गई है। अब केजरीवाल की पार्टी को गुजरात में भी मान्यता मिल जाएगी। ऐसे में अब आधिकारिक तौर पर आप राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल कर लेगी।'
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अरविंद केजरीवाल(फाइल)
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राष्ट्रीय पार्टी बनने की क्या शर्तें होती हैं?
  • कोई पार्टी तीन राज्यों के लोकसभा चुनाव में दो फीसद सीटें जीते। 
  • चार लोकसभा सीटों के अलावा कोई पार्टी लोकसभा में छह फीसदी वोट हासिल करे या  विधानसभा चुनावों में कम से कम चार या इससे अधिक राज्यों में छह फीसदी वोट जुटाए।
  •  कोई पार्टी चार या इससे अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखे। साल 2019 में एनपीपी को इसी शर्त के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा मिला था। अब अनुमान है कि गुजरात के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी भी इसी शर्त को पूरा कर लेगी। 
  • इन शर्तों में जो पार्टी एक भी शर्त पूरा करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है। 
भाजपा
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अभी कितने राष्ट्रीय दल हैं? 
1. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 
2. कांग्रेस
3. बहुजन समाज पार्टी (बीएससी)
4. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)
5. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया 
6. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)
7. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 
8. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) हैं। एनपीपी भारत की सबसे नई राष्ट्रीय पार्टी है। इस दल को साल 2019 में राष्ट्रीय दल की मान्यता हासिल की।
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सीएम केजरीवाल
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राष्ट्रीय पार्टी बनने के क्या फायदे हैं? 
  • सबसे बड़ा फायदा यही है कि पार्टी को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान  मिल जाएगी। 
  • अब पार्टी को अखिल भारतीय स्तर पर चुनाव चिन्ह मिल जाएगा। 
  • चुनाव आयोग की तरफ से राष्ट्रीय पार्टियों को कुछ विशेष सुविधाएं दी जाती हैं। 
  • नेशनल मीडिया पर फ्री एयरटाइम मिल जाता है। इससे पार्टी की पहुंच बढ़ाने में आसानी होती है। 
  • नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान प्रस्तावकों की संख्या बढ़ जाती है। 
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