Yogi Adityanath: गोरखनाथ मंदिर में साधारण जीवन बिताते हैं सीएम योगी, कमरे में नहीं लगा है एसी

संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 25 Jan 2022 03:23 PM IST
गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी। (फाइल)
1 of 7
विज्ञापन
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मंदिर स्थित जिस आवास को ‘बड़ा बंगला’ बता रहीं हैं, गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ उसके एक बेहद साधारण से कमरे में रहते हैं। कमरे में न एसी है, न कूलर, न बड़े-बड़े बेड और ना ही सुविधा के तमाम सामान। लेटने के लिए आज भी वही तख्त है, जिस पर वे मुख्यमंत्री बनने से पूर्व लेटते थे। मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी कहते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को छोड़ दें तो यहां अब भी कुछ नहीं बदला है। सब कुछ पहले ही जैसा है।

गोरक्षपीठ में श्रद्धा रखने वालों ने मायावती के बयान पर सोमवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मंदिर प्रबंधन से जुड़ेे वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मायावती केवल सामाजिक समरसता की बात करती हैं, मंदिर में योगी के बाद सबसे प्रमुख चेहरा, मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ अनुसूचित जाति के हैं। वही पूजा-पाठ करते हैं। अगर देश में गोरखनाथ मंदिर जैसे बंगले हो जाएं तो देश का कल्याण हो जाए।

 
बसपा सुप्रीमो मायावती। (फाइल)
2 of 7
महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रदीप राव कहते हैं कि गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। इसके अनुयायी देश ही नहीं, पूरी दुनिया में फैले हुए हैं।  पूरा मंदिर परिसर 54 एकड़ में फैला है, लेकिन इसमें मंदिर के अलावा गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय, आयुर्वेदिक अस्पताल एवं संस्कृत महाविद्यालय भी संचालित  है। अध्ययन करने वाले बच्चों के छात्रावास हैं। उनके भोजन, रहने, कपड़े का इंतजाम मंदिर प्रबंधन करता है। शिक्षा का बड़ा केंद्र भी है।

ये था बसपा सुप्रीमो मायावती का ट्वीट: शायद पश्चिमी यूपी की जनता को यह मालूम नहीं है कि गोरखपुर में योगी जी का बना मठ है, जहां वो अधिकांश समय निवास करते हैं। वो कोई बड़े बंगले से कम नहीं है। यदि इस बारे में भी यह बता देते तो बेहतर होता।

सीएम योगी ने कू करते हुए लिखा कि...
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करते सीएम योगी। (फाइल)
3 of 7

सामान्य कमरे में रहते हैं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का जहां आवास है, वह दो मंजिला भवन बहुत ही पुराना है। भवन के ऊपरी तल पर मुख्यमंत्री का आवास है। आवास के बगल में एक छोटा सा मंदिर है। उसे शक्ति पीठ कहा जाता है। वह मां दुर्गा का मंदिर है। सीएम आवास के अलावा दो कमरे हैं। इनमें चौकी बिछी रहती है। योगी जब तक पीठाधीश्वर नही हुए थे, तब तक उसी कक्ष में चौकी पर सोते थे। अवेद्यनाथ के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके आवास में रहने लगे। जो एक सामान्य कक्ष है। उनके कमरे में एसी नहीं है।

नीचे एक बड़ा सा हाल है। इसमें दशहरा, खिचड़ी पर कार्यक्रम का आयोजन होता है। उसके बगल में दूसरा हॉल है, जो छोटा है। इसी हॉल में कार्यालय चलता है। मंदिर के कई कर्मचारी वहां पर बैठे रहते हैं। पास ही लाल कक्ष है। योगी जब सांसद थे, तब भी वहीं बैठक, मुलाकात करते थे। यह सिलसिला मुख्यमंत्री बनने के बाद तक जारी है।  कार्यालय के पीछे एक सोफाकक्ष है। योगी पहले और अब भी विशेष मेहमानों से वहीं मिलते हैं।
 
 
गोरखनाथ मंदिर।
4 of 7

लगभग पांच सौ छात्र संस्कृत की शिक्षा करते हैं गृहण

गोरक्षनाथ मंदिर में चलने वाले संस्कृत महाविद्यालय में कक्षा नौ से लेकर परा स्नातक की शिक्षा दी जाती है। महाविद्यालय में पढ़ाने वाले बृजेशमणि मिश्र कहते हैं कि यहां छात्रों को रहने, खाने , वस्त्र की सुविधा मुफ्त दी जाती है। इन छात्रों को पढ़ाई के अलावा संस्कार भी दिए जाते हैं। सभी छात्र सुबह उठ कर स्नान ध्यान के बाद पूजा पाठ और प्रार्थना करते हैं।

एक हजार लोग रोज करते हैं भोजन

गोरखनाथ मंदिर में प्रति दिन एक हजार लोगों का भोजन पकता है। विद्यालय के छात्रों के अलावा मंदिर के करीब 250 कर्मचारी भी हैं। इसके अलावा वहां पर जो भी पहुंचता है, वह भोजन ले सकता है। मंदिर की तरफ से यह निर्देश है कि वहां पर जो भी गया उसे भोजन कराया जाएगा।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखनाथ हॉस्पिटल।
5 of 7

मंदिर में है गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय

गोरक्षनाथ मंदिर परिसर में गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय है। इस चिकित्सालय में शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक अपनी सेवाएं देते हैं। यह व्यवस्था योगी के सीएम बनने से पहले की है। इसकी खास बात यह है कि जो चिकित्सक शहर में 800 रुपये फीस लेते हैं, वे गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय में 30 रुपये लेते हैं। अस्पताल के डॉ सीएम सिन्हा कहते हैं कि जांच से लेकर हर प्रकार की चिकित्सकीय सुविधाएं काफी सस्ती है। इस नाते यहां, हमेशा भारी भीड़ रहती है। यहां पर हर वर्ग और समुदाय के लोग  इलाज कराने आते हैं।

मंदिर में धर्मशाला व यात्री निवास

मंदिर परिसर में यात्री निवास और धर्मशाला भी है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के रुकने  की व्यवस्था वहां होती है।  बहुत से लोग शादी शहर से करते हैं तो उनको सस्ते में कमरा उपलब्ध कराया जाता है।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00