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Sohum Shah: ‘तुम्बाड’ के निर्माता सोहम शाह के दिल की बात, ‘पांच साल लग गए सिर्फ मुंबई को समझने में’

अमर उजाला, मुंबई Published by: कविता गोसाईंवाल Updated Mon, 08 Aug 2022 09:48 AM IST
सोहम शाह
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साल 2012 में फिल्म 'शिप ऑफ थीसस' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले अभिनेता और निर्माता सोहम शाह को जल्द ही 'महारानी 2' में फिर से परदे पर लौट रे हैं। इसके अलावा वह सोनाक्षी सिन्हा की वेब सीरीज 'दहाड़' में इन दिनों पुलिस ऑफिसर का किरदार निभा रहे है। और, पहली बार वह लव रंजन की फिल्म में कॉमेडी करते भी नजर आएंगे। लोकप्रिय फिल्म 'तुम्बाड' के बाद वह सोहम जल्द ही एक फिल्म का निर्माण भी करने वाले हैं। इस फिल्म में सिर्फ एक ही किरदार है, जिसे सोहम शाह निभा रहे है। ‘अमर उजाला’ से इस मुलाकात के दौरान सोहम शाह ने अपने अब तक के संघर्ष के बारे में दिल खोलकर बातें की।
सोहम शाह
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बिना किसी तैयारी के आ गया मुंबई
फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना पाना सोहम शाह के लिए आसान नहीं रहा। वह बताते हैं, ‘मेरा सफर बहुत ही मजेदार लेकिन कांटों भरा रहा। आज यहां आकर इस मोड़ पर देखता हूं तो बहुत ही दिलचस्प यात्रा लगती है। मैं गंगानगर से मुंबई बिना किसी तैयारी के चला आया था। किसी संस्थान से कोई प्रशिक्षण भी नहीं लिया था। सिर्फ चाहत थी कि मुझे एक्टिंग करनी है। मैं अमीर परिवार से भी नहीं हूं, बचपन तो पैसे कमाने में ही गुजर गया था। तीन बहनें थी। सबकी जिम्मेदारी मेरे ही ऊपर। कई साल लग गए उस जिम्मेदारी को निभाने में। जब मुझे लगा कि मैंने अपने परिवार के प्रति सारी जिम्मेदारी निभा ली है तो अपना सपना जीने मैं मुंबई आ गया।'
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पांच साल तक कुछ समझ में नहीं आया
छोटे शहर के लोगों के लिए मुंबई शहर में आना एक सपने जैसा लगता है। सोहम शाह कहते है, 'उस समय तो जयपुर भी मुझे बहुत बड़ा शहर लग रहा था। जयपुर चला जाता था तो मेरे घर वालों को टेंशन हो जाती थी कि गुम न हो जाए। जब मुंबई आया तो एक कॉफी शॉप में जाकर काफी ऑर्डर करने में झिझक महसूस हो रही थी। मुझे इंडस्ट्री को समझने में ही पांच साल लग गए। पहली बार 2010 में मुंबई आया था जब चीजे यहां समझ नहीं आई तो वापस जयपुर चला गया। लेकिन फिर मुंबई वापस आया  ये सोचकर कि अब जो भी हो, यहीं पर करना है।'
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मनोज बाजपेयी की शूटिंग का किस्सा
सोहम शाह बताते हैं, 'मुझे याद है कि एक बार 'पिंजर'  की शूटिंग के दौरान मनोज बाजपेयी मेरे शहर गंगानगर के पास आए थे। शूटिंग मेरे घर से तीस किलोमीटर दूर चल रही थी। मैं उनसे मिलने चला गया था। तो उनके बाउंसर ने रोक लिया। मैंने दूर से देखा था मनोज भाई चारपाई पर बैठे थे। मुंबई आने के तीन चार साल के बाद मनोज बाजपेयी  से मिला, तो उन्होंने भी गंगानगर के बहुत सारे किस्से सुनाए। उन्होंने कहा कि तुम्हारे गंगा नगर वालों ने तो मेरी गाड़ी पलट दी थी।'
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शाहरुख बहुत दरियादिल इंसान हैं
हीरो बनने से पहले से ही सोहम शाह अभिनेता शाहरुख खान के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। वह कहते है, 'शाहरुख खान से जब पहली बार फिल्म 'जीरो'  की स्क्रीनिंग के दौरान मिला तो देखा कि क्या कमाल का व्यक्तित्व है। तब मेरी फिल्म 'तुम्बाड' रिलीज हुई थी। मैंने उनसे 'तुम्बाड' देखने का अनुरोध किया और वह मान भी गए। एक बार एक और फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान शाहरुख खान से मुलाकात हुई। मैं अपनी पत्नी के साथ गया था। मैं शाहरुख खान से बात करते अपनी पत्नी के साथ चल रहा था। तभी एक शख्स वहां तेजी से गुजरा और शाहरुख खान ने तुरंत भांप लिया कि वह मेरी पत्नी से टकरा सकता है तो उन्होंने तुरंत अपना हाथ बीच में कर दिया। यह बात मेरे दिल में रह गई।’
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