कोरोना का कहर : पीएम मोदी ने छात्रों को दी यह बड़ी जिम्मेदारी, बनेंगे संकट मोचक हनुमान

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Tue, 04 May 2021 12:07 AM IST
पीएम मोदी
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देशभर में वैश्विक संक्रामक महामारी कोरोना वायरस के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं हैं। वहीं, निजी क्षेत्र के अस्पताल, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान भी बेहाल और लाचार नजर आ रहे हैं। मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अस्पतालों में न केवल सुविधाओं बल्कि चिकित्सकों, मेडिकल कर्मियों और नर्सिंग एवं देखभाल कर्मियों जैसे स्टाफ की भारी कमी पड़ रही है। कई राज्यों में तो सालों से नए स्टाफ को पोस्टिंग नहीं मिली है, जिससे वहां स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं। 
महिला अस्पताल में टीकाकरण कराती स्वास्थ्यकर्मी
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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को अपना संकट मोचक हनुमान बनाया है। रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने एमबीबीएस पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे विद्यार्थियों को कोरोना महामारी के खिलाफ जारी जंग के मैदान में उतारने की अनुमति दे दी है। 
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को अहम जिम्मेदारी देते हुए कोरोना योद्धा के तौर पर उनकी सेवाएं लेने का फैसला किया है। 
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कोरोना संकट पर पीएम मोदी की बैठक
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स्वास्थ्य बीमा और टीकाकरण भी
इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों को हल्के और मध्यम स्तर के कोरोना मामलों के टेलीफोनिक परामर्श और निगरानी आदि के काम में लगाया जाएगा। विद्यार्थी अपनी फैकल्टी के निर्देशन में काम करेंगे। 
वहीं, बीएससी नर्सिंग और जीएनएम क्वालीफाइड नर्स को वरिष्ठ चिकित्सकों और वरिष्ठ नर्स की निगरानी में पूर्णकालिक तौर पर कोविड मरीजों की देखभाल के लिए नर्सिंग ड्यूटी में लगाया जाएगा। इससे पहले इनका टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की तरह बीमा स्कीम में कवर किया जाएगा। 



अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज
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मिलेगा राष्ट्रीय सेवा सम्मान, भर्ती में प्राथमिकता 
इतना ही नहीं, पीएमओ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि कोविड ड्यूटी के कर्तव्यों के कम से कम 100 दिन को पूरा करने वाले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को नियमित सरकारी भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, मेडिकल इंटर्न्स को उनकी फैकल्टी की देखरेख में कोविड प्रबंधन कार्यों के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही साथ कोविड ड्यूटी में 100 दिनों के कार्य को पूरा करने वाले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रधानमंत्री द्वारा प्रतिष्ठित कोविड राष्ट्रीय सेवा सम्मान से नवाजा भी जाएगा। 
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