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चीन सीमा: भारी बर्फ में अब जवानों को नहीं सताएगी हाड़ कंपाती ठंड, मॉड्यूलर शेल्टर और आधुनिक बंकर रखेंगे गर्म

दीपक कापड़ी, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 24 Nov 2022 06:42 PM IST
चीन सीमा पर भारतीय जवान
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भारत सरकार चीन सीमा पर सेना के जवानों के रहने के लिए मॉड्यूलर शेल्टर और आधुनिक बंकर बनाने की तैयारी कर रही है। इन बंकरों के अंदर हर वक्त 20 से 25 डिग्री तापमान बना रहेगा और जवानों को ड्यूटी के दौरान हाड़ कंपाती ठंड का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार की ओर से अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों को पूर्व में संचार सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।

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पिथौरागढ़ से लगी चीन एवं नेपाल सीमा पर भारतीय सेना के जवान और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समुद्रतल से 10 हजार फुट से 16 हजार फुट तक की ऊंचाई पर तैनात हैं। शीतकाल में अग्रिम चौकियों में तापमान माइनस 20 से 30 डिग्री सेल्सियस रहता है जिस कारण जवानों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।

शीतकाल में भी अग्रिम चौकियों में करीब हजार से डेढ़ हजार जवान तैनात रहते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनाती से पहले इन जवानों को मेडिकल चेकअप सहित कई अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
चीन सीमा पर भारतीय जवान
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मुनस्यारी से लगी चीन सीमा से 10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित रिलकोट, 8898 फुट की ऊंचाई पर बुगडियार, 16500 फुट पर दुंग चौकी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र व्यास वैली में 10500 फुट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी, 14500 फुट की ऊंचाई पर स्थित नाभीढांग, करीब 16 हजार फुट की ऊंचाई पर लिपुलेख, ज्योलिंकांग और दारमा वैली की 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित दावे चौकी में आईटीबीपी एवं भारतीय सेना के जवान तैनात रहते हैं। 
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चीन सीमा पर जवान
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रक्षा सूत्रों का कहना है कि जवानों की परेशानी को देखते हुए सरकार मॉड्यूलर शेल्टर बनाने की तैयारी कर रही है। इन आधुनिक शेल्टर के अंदर 20 से 25 डिग्री तक तापमान रहता है। साथ ही इन शेल्टरों को स्थापित करना बहुत आसान है। इन्हें एक जगह से खोलकर दूसरी जगह आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है। इनकी स्थापना में खर्च भी काफी कम आता है। 
चीन सीमा पर यहां बन रही सड़क
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वहीं, चीन सीमा से लगे सीमांत जिले के क्षेत्रों का विकास सरकार तेज गति से कर रही है। धारचूला से लिपुलेख तक सड़क पहुंचने के बाद जवान वर्तमान में एक दिन में चीन सीमा पर पहुंच जा रहे हैं। पहले उन्हें चीन सीमा पर पहुंचने में एक हफ्ते से अधिक का समय लगता था।
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चीन सीमा तक सड़क
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इसके अलावा मुनस्यारी के धापा बैंड से मिलम तक भी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि इस सड़क का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। सड़क बनने के बाद दो तरफ से चीन सीमा तक सीधी पहुंच आसान हो जाएगी। 
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